पार्षद प्रतिनिधि बरकत अली ने कहा कि नगर निगम को एक तरफा कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। सभी पक्षों को सुनकर इन्हें वैध या अवैध संबंधी कार्रवाई करनी चाहिए। नगर आयुक्त और मेयर पर पूरा विश्वास है, गलत नहीं होने देंगे।
स्थानीय नागरिक सुखा देवी ने कहा कि पुश्तैनी मकान बना है। शुरू से ही इसमें परिवार के लोग रह रहे। अब अगर निगम इसे अवैध बताकर कार्रवाई करने की बात कह रहा है जो पूरी तरह से गलत है।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में चला GDA का बुलडोजर: नीर निकुंज वाटर पार्क हुआ जमींदोज, जानिए क्या है वजह
इन परिवारों को दिया नोटिस
रजिया पत्नी हबीबुल, कृपाल पुत्र तीरथ यादव, भग्गन पुत्र भीम, राजेंद्र धर्मेंद्र पुत्र भजन, जगदीश पुत्र रामलखन, जयहिंद पुत्र राम अवध, चंद्रभान पुत्र रामहरन, नसीम पुत्र असगर, शब्बीर पुत्र शमशुद्दीन, जगदीश पुत्र रामलखन, जयहिंद पुत्र रामअवध, चंद्रभान पुत्र रामहरख, नसीम पुत्र असगर, शब्बीर पुत्र शमशुद्दीन, अलीरजा पुत्र इश्हाक, धमेंद्र राजेंद्र पुत्र भजन, जगदीश अमरजीत मेजर प्रताप पुत्र रामलखन, रईस पुत्र अब्दुल जफ्फार, मौकुन पुत्र अब्दुल जफ्फार, करामत अली पुत्र दुखी, हरिकेश राकेश पुत्र रामहरक, अमरजीत जगदीश मेजर पुत्र राम लखन, रियाज अली पुत्र असगर, जावेद पुत्र अब्दुल अली, शब्बीर पुत्र शमशुद्दीन, यासीन पुत्र सलामत, जगदीश अमरजीत मेजर प्रताप पुत्र रामलखन।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि पैमाइश में नगर निगम की जमीन मिली है। सभी को नोटिस दिया गया है। उन्हें मौका है अपना पक्ष आकर रख दें। इसमें जो संबंधित कागज उनके पास हो, उसे भी जमा करवा देंगे। राजस्व अभिलेखों से सत्यापन और विभागीय जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। घबराने की जरूरत नहीं है।