गोरखपुर। राप्ती नदी के गुरु गोरक्षनाथ घाट पर रविवार सुबह करीब 11:45 बजे चबूतरे का गुंबद गिरने से दो अधिवक्ता घायल हो गए। हादसे में एक अधिवक्ता आलोक अस्थाना की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरे अधिवक्ता संजय सिंह का उपचार बीआरडी मेडिकल कॉलेेज में चल रहा था, उनकी भी बाद में मौत हो गई। हादसे के बाद घाट के रखरखाव और हैंडओवर को लेकर नगर निगम और सिंचाई विभाग आमने-सामने आ गए हैं। दोनों विभाग घाट की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं। नगर निगम का कहना है कि घाट अभी उसे हैंडओवर नहीं हुआ है, जबकि सिंचाई विभाग का दावा है कि वर्ष 2025 में ही हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी कर सभी दस्तावेज नगर निगम को सौंप दिए गए थे।
नगर आयुक्त अजय जैन ने बताया कि घाट की जिम्मेदारी अभी नगर निगम की नहीं है। सिंचाई विभाग की ओर से हैंडओवर के लिए आवेदन आया है। इसकी प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही घाट नगर निगम को हस्तांतरित होता है। यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। वर्तमान में घाट सिंचाई विभाग के पास ही है। मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने भी कहा कि घाट अभी नगर निगम को हैंडओवर नहीं हुआ है। हालांकि त्योहारों के दौरान नगर निगम की ओर से यहां सजावट और साफ-सफाई कराई जाती रही है। वहीं, सिंचाई विभाग के ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता आनंद गौतम ने बताया कि वर्ष 2025 में ही हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी कर दी गई थी। इससे संबंधित सभी कागजात नगर निगम को सौंप दिए गए थे। एक साल से सिंचाई विभाग की ओर से घाट पर कोई काम भी नहीं कराया जा रहा था।
- 2021 में मुख्यमंत्री ने किया था लोकार्पण
जिस गुंबद के गिरने से हादसा हुआ, उसका निर्माण सिंचाई विभाग की ओर से कराया गया था। गुरु गोरक्षनाथ घाट का लोकार्पण 16 फरवरी 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। घाट के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। नगर निगम ने अब तक घाट का हैंडओवर नहीं लिया है। हालांकि, नगर निगम की ओर से यहां सफाई का काम कराया जाता रहा है। गुरु गोरक्षनाथ घाट के सुंदरीकरण का प्रस्ताव वर्ष 2019 में तैयार किया गया था। करीब 27 करोड़ 85 लाख 71 हजार रुपये की लागत से घाट का सुंदरीकरण कराया गया। राप्ती नदी के दूसरी ओर रामघाट का निर्माण भी करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। बताया जा रहा है कि घाट पर फिल्मों की शूटिंग भी हो चुकी है।