राजनीति के लिए मानवता एवं सेवा भाव होना जरूरी - विद्यार्थियों से रूबरू हुए सांसद रविकिशन* - कोविड संकट: राजनीति , सिनेमा और युवाओं की दृढ़ता विषय पर हुई चर्चा अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। राजनीति मानवता है, सेवा की जगह है। राजनीति में आने वाले व्यक्ति को निःस्वार्थ भाव के साथ आदर्श स्थापित करना चाहिए। तभी भविष्य की पीढ़ी उन्हें याद करती है। आज कोरोना ने हमारी जीवन शैली को बदल दिया है। वास्तव यह प्रकृति की एक चेतावनी है, हमें सावधान करने की। हम सभी को प्रकृति और मानव समाज के प्रति उदार होना होगा। यह बातें सदर सांसद रविकिशन ने विद्यार्थियों से ऑनलाइन संवाद के दौरान कही। यह संवाद \"*कोविड संकट: राजनीति , सिनेमा और युवाओं की दृढ़ता*\" विषय पर था, जिसमें गोरखपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थी शामिल थे। सांसद रविकिशन ने दिवंगत हुए अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को श्रद्धांजलि देते हुए युवाओं से अपने भीतर आध्यात्मिक चेतना विकसित करने का आह्वान किया। योग, व्यायाम और मेडिटेशन के माध्यम से खुद को अंदर से मजबूत करें और परिवार या बाहर दोस्त जरूर बनाएं। नकारात्मक भाव कभी अपने भीतर मत आने दें। मेरे सकारात्मक होने का ही नतीजा है कि आज भोजपुरी सिनेमा ने लाखों लोगों को रोजगार दिया है। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक प्रो. अजय कुमार शुक्ला, डॉ अम्बरीष श्रीवास्तव, डॉ. अंशू गुप्ता, डॉ. मनीष पाण्डेय, हर्षिता शुक्ला, रविकांत तिवारी, अतुल मिश्रा, झुम्पा मंडल सरकार, सुप्रिया राय, शिव प्रसाद शुक्ला, प्रशान्त मणि त्रिपाठी, अविनाश दुबे, आदर्श राम त्रिपाठी, जीविधा जायसवाल, मंतोष यादव, हरीश यादव, भीमसेन उज्ज्वल,अश्वनी त्रिपाठी, योगेन्द्र प्रताप सिंह, अंजनी सिंह , शशांक पंडित, हर्षिता श्रीवास्तव, अरुण मिश्रा, अदिति निषाद, अनुपम, अजीत वर्मा, दीपक दूबे, श्वेता पटेल, चंद्रप्रकाश, अंकिता त्रिपाठी, सुबल फातिमा, नवनीत राय, शिवम खरवार, आदर्श वर्मा, नेहा द्विवेदी, यादवेंद्र प्रताप सिंह, वर्षा श्रीवास्तव समेत अनेक छात्रों की उपस्थिति रही।