गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने वैश्विक अकादमिक सहभागिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डीडीयू ने कनाडियन हिंदू चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए रविवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
कनाडियन हिंदू चैंबर ऑफ कॉमर्स एक व्यावसायिक एवं आर्थिक संगठन है। कनाडा में भारत के टॉप बिजनेसमैन इस समूह से जुड़े हुए हैं। यह संगठन कई विश्वविद्यालयों से जुड़ा हुआ है।
एमओयू के तहत यह अकादमिक योगदान और बौद्धिक विमर्श को प्रोत्साहित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह संगठन अकादमिक जगत, उद्योग और वैश्विक हिंदू प्रवासी समुदाय के बीच सेतु के रूप में कार्य करता है, जिससे शिक्षा और अनुसंधान के नए अवसर सृजित होते हैं।
इस समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों, सम्मेलनों और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। विशेष रूप से स्नातकोत्तर एवं शोध छात्रों के मार्गदर्शन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। मेधावी छात्रों को स्कॉलरशिप संगठन की ओर से स्कॉलरशिप की भी व्यवस्था की जाएगी।
कनाडा की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कनाडियन हिंदू चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन नरेश कुमार चावड़ा ने किया। विश्वविद्यालय की ओर से एमओयू पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर कुलसचिव धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव एवं वित्त अधिकारी जय मंगल राव आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह समझौता विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हमें विश्वास है कि यह साझेदारी विश्वविद्यालय की वैश्विक पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगी और मूल्य आधारित, समग्र और वैश्विक दृष्टि से प्रासंगिक शिक्षा को बढ़ावा देगी। यह सहयोग वैश्विक मंच पर बढ़ती साख और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति विश्वविद्यालय की सक्रिय एवं दूरदर्शी सोच का प्रमाण है।