दरभंगा जिले की रहने वाली फरजाना परवीन रविवार को ट्रेन से दरभंगा से दिल्ली के लिए चली थी। रास्ते में गोरखपुर पहुंचते ही उसे अचानक प्रसव पीड़ा हुई। रेलवे स्टेशन पर मौजूद जीआरपी ने मानवता दिखाते हुए उसे जिला महिला अस्पताल पहुंचाया। जहां रात करीब 11 बजे उसने एक बच्चे को जन्म दिया। जन्म लेते ही नवजात की हालत नाजुक हो गई। उसकी हार्टबीट और सांस धीमी थी। डॉक्टरों ने नवजात को बच्चों के गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया है। जहां उसका इलाज चल रहा है।
फरजाना की निजी जिंदगी संघर्षों से भरी है। उसने बताया कि उसके माता-पिता का निधन हो चुका है। शादी के एक साल के भीतर ही उसका पति किसी दूसरी महिला के चक्कर में कहीं चले गए हैं। कोई पता नहीं चल रहा है। ऐसी स्थिति में वह नवजात का पालन पोषण कर पाने में असमर्थ है। डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों जब उसे समझाया तो वह नवजात को दूध पिलाने को राजी हो गई।