फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मॉल के तीसर तल से नीचे गिरने की घटना: फूडकोर्ट में बैठ मां-मौसी बना रही थीं रील,ध्यान हटा...नीचे गिर गया बच्चा

Thu, 04 Dec 2025 04:07 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

मॉल के अधिकारियों का कहना है कि बच्चे की मां नीचे से ही रील बना रही थीं। पहली मंजिल पर बच्चा फर्श पर एक बार फिसल भी गया था। वहां पर वह सेल्फी लेने में व्यस्त थीं। इसके बाद तीसरी मंजिल पर आते ही बच्चा नीचे गिर गया। घायल बच्चे के पिता अनिकेत पांडेय ने बताया कि बच्चा अभी खतरे से बाहर है। 
विज्ञापन
मोहद्दीपुर के मॉल में इसी जगह से गिरा था बच्चा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रील का क्रेज लोगों पर इस कदर बढ़ गया है कि लोग जहां भी जा रहे हैं वहां पर पहले रील बनाने में व्यस्त हो जा रहे हैं। इस वजह से उनका मूल काम से ध्यान हट जाता है। मंगलवार रात मोहद्दीपुर स्थित मॉल में हुई घटना भी इसी की देन है। वहां पर बच्चे की मां और मौसी रील बनाने में व्यस्त थीं। उनका ध्यान जैसे ही हटा तो छह वर्षीय बच्चा तीसरी मंजिल से नीचे गिर गया।
विज्ञापन


मॉल के अधिकारियों का कहना है कि बच्चे की मां नीचे से ही रील बना रही थीं। पहली मंजिल पर बच्चा फर्श पर एक बार फिसल भी गया था। वहां पर वह सेल्फी लेने में व्यस्त थीं। इसके बाद तीसरी मंजिल पर आते ही बच्चा नीचे गिर गया। घायल बच्चे के पिता अनिकेत पांडेय ने बताया कि बच्चा अभी खतरे से बाहर है। फिलहाल उसके बाएं हाथ का ऑपरेशन हो रहा है।

मॉल के जीएम और सिक्योरिटी अफसर बच्चे को देखने आए थे। उन्होंने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। इलाज के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, घटना के बाद बच्चे की मां साक्षी अभी दहशत में हैं।
दरअसल, रील बनाते समय लापरवाही की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रील का ट्रेंड काफी तेजी से बढ़ा है। कम समय में बड़ी पहचान और कमाई के लिए युवा तेजी से इस तरफ कदम बढ़ा रहे हैं। कुछ लोग इसमें सफल भी हो रहे लेकिन ज्यादातर बर्बाद हो रहे हैं। महिलाएं भी ब्लॉग और रील बना रही हैं। इस चक्कर में कई बार बच्चों से उनका ध्यान भटक जाता है।

रील बनाने के चक्कर में हो गई थी मौत
जून 2025 में गीडा थाना क्षेत्र के पिपरौली बाजार निवासी राज वर्मा (17) का शव राप्ती नदी में घटनास्थल से चार किलोमीटर दूर मिला था। वह कालेसर जीरो पॉइंट के पास राप्ती नदी के घाट पर रील बनाते समय डूब गया था। एसडीआरएफ ने रेस्क्यू अभियान चलाकर राप्ती नदी में बरहुआ गांव के किनारे से शव बरामद किया था।

नौतनवां की छात्रा हो गई थी फेल
महराजगंज के नौतनवां की छात्रा ने गोरखपुर विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान रील बनाना शुरू किया था। वीडियो वायरल होने पर फॉलोअर बढ़े लेकिन पढ़ाई पर ध्यान कम होने से अंतिम वर्ष में वह फेल हो गई। घर वापसी के बाद उसने इंस्टाग्राम बंद कर पढ़ाई फिर से शुरू कर दी थी।
विज्ञापन

रील बनाने का खर्च निकालने के लिए करते थे लूट
अप्रैल-2023 में कैंट इलाके के बेतियाहाता में युवती से मोबाइल फोन लूटने के आरोपियों पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि तीनों दोस्त हैं व रील बनाने के लिए जगह-जगह जाने का खर्च पूरा करने के लिए लूट करने लगे। भीड़ से बचने के लिए तमंचा भी रखते थे। पकड़े गए आरोपियों की उम्र महज 19 से 20 साल के बीच में थी।

एक्सपर्ट कमेंटसोशल आइसोलेशन को मिल रहा बढ़ावा
गोरखपुर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य डॉ. मनीष पांडेय ने कहा कि रील बनाने व देखने की लत अब एक बड़ी सामाजिक समस्या के रूप में सामने आ रही है। हालांकि रील और शॉर्ट्स आज की प्रमुख तकनीकी सांस्कृतिक धाराएं हैं, जिनका बहिष्कार नहीं किया जा सकता लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग हमारे मानसिक, सामाजिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

लोग दूसरों की ट्रेंड हुई रील से अपनी वास्तविकता की तुलना करते हैं, जिससे असंतोष, हीनभावना और अवास्तविक अपेक्षाएं उत्पन्न होती हैं। यह सामाजिक सहनशीलता को कम करके सोशल आइसोलेशन को बढ़ा रही है। यह समस्या वर्चुअल दुनिया की एक सामाजिक संरचनात्मक चुनौती है, जिसका समाधान बहु-स्तरीय सहभागिता से ही संभव है। रील के चक्कर में कई बार लोगों का ध्यान भी भटक जाता है, जिससे कोई दुर्घटना हो सकती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें