गोरखपुर जिले में शाहपुर इलाके के मेडिकल कॉलेज रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक के शाखा से मां और बेटे ने दो करोड़ रुपये ऋण लेकर हड़प लिए। एसएसपी के आदेश पर मंगलवार को शाहपुर पुलिस ने आरोपी मां और बेटे के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि दोनों ने एक फर्म का फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसी पर ऋण हासिल कर लिया और फिर भुगतान करने की जगह फरार हो गए। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
जानकारी के मुताबिक, शाहपुर इलाके में मेडिकल कॉलेज रोड पर असुरन में आईसीआईसीआई बैंक की शाखा है। शाखा प्रबंधक आशुतोष कुमार ने एसएसपी को दिए प्रार्थनापत्र में लिखा है कि मई 2022 में अर्चना पांडेय और रुद्राक्ष पांडेय संयुक्त रूप से ऋण लेने के लिए महाकाल इंटरप्राइजेज फर्म का कूटरचित दस्तावेज लगाकर ऋण प्राप्त कर लिया। ऋण की किस्त समय से जमा न होने पर बैंक कर्मचारियों ने मां-बेटे से संपर्क किया तो पता नहीं चला।
बैंक ने आरोपी मां और बेटे की ओर से दी गई इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) का सत्यापन आयकर विभाग से कराया तो फाइलिंग की तारीख गलत मिली। वहीं, फर्म का बैंक खाता भी बंद मिला। काफी प्रयास के बाद भी आरोपी द्वारा ऋण की किस्त नहीं जमा करने पर शाखा प्रबंधक ने एसएसपी से मिलकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उनके निर्देश पर शाहपुर पुलिस अर्चना पांडेय और रुद्राक्ष पांडेय के खिलाफ जालसाजी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बंद मिला फर्म का खाता, पता भी गलत
बैंक की ओर से मां-बेटे को जिस फर्म पर ऋण दिया गया है, उसका पता गलत है और उसका खाता भी बंद है। उसने जालसाजी के लिए पूरी तरीके से साजिश कर फर्म से लेकर बैंक का खाता तक फर्जी इस्तेमाल किया। सबसे बड़ी बात यह है कि बैंक किसी को भी छोटा ऋण देने तक के मामले में पूरी जानकारी हासिल करती है तो फिर इसमें ऐसी चूक समझ से परे है। यही वजह है कि फर्म की रिपोर्ट लगाने वाले कर्मचारियों की अंदरूनी जांच भी की जा रही है।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि आईसीआईसीआई बैंक के शाखा प्रबंधक की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।