रसमलाई खाने से एक घंटे के भीतर 100 से अधिक लोगों का बीमार होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। मरीजों का इलाज करने वाले डॉ. आनंद कुमार और डॉ. अंकुर ने कहा कि सामान्य तौर पर फूड प्वाइजनिंग का असर पांच छह घंटे के बाद दिखाई देता है, लेकिन रात की घटना में रसमलाई खाने के कुछ देर बाद ही लोगों की हालत बिगड़ने लगी।
ऐसे में खाने में छिपकली जैसे जहरीले जीव-जंतु के गिरने या जानबूझ कर केमिकल आदि मिलाने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल जांच के बाद ही सही जानकारी सामने आ सकेगी। वहीं, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि खान-पान से होने वाली दिक्कतों का असर तत्काल नहीं दिखता है। कुछ देर बाद ही उल्टी, पेट दर्द, मिचली, बेहोशी की समस्या होती है। ऐसे में यह आशंका है कि खाने वाले वस्तु में मिलावट किया गया है। टीम ने जांच के लिए सैंपल ले लिया है। पुलिस ने भी फॉरेंसिक जांच के लिए सैंपल लिया है।
मैरिज हॉल का एक कमरा पुलिस ने सील किया
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि गोदावरी मैरिज हॉल के जिस कमरे में खाने के सामान रखे गए हैं। उस कमरे को सील कर दिया गया है। जब तक खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट नहीं आती तब तक कमरा सील रखा जाएगा।
ये था मामला
पिपराइच थाना क्षेत्र के गोपालपुर निवासी रामअचल श्रीवास्तव की बेटी मोनी की शादी बनकिटया परतावल, महराजगंज निवासी अशोक श्रीवास्तव की बेटे अमित श्रीवास्तव से होनी थी। रामअचल ने शादी की पूरी जिम्मेदारी वर पक्ष को दे रखी थी। वर पक्ष ने गोदावरी मैरिज हॉल बुक कर इंतजाम किया था। बरात से पहले लड़की पक्ष के लोग मैरिज हॉल में पहुंच गए थे।
इस दौरान सभी को खाने के लिए रसमलाई दी गई, जिसे खाने के 20 मिनट बाद ही एक दो लोगों को उल्टी होने लगी। कुछ देर बाद एक-एक करके कई लोगों को उल्टी और दस्त होने लगी। इससे अफरा-तफरी मच गई थी। 50 से अधिक लोगों को सीएचसी में भर्ती कराया। इसके बाद 52 लोगों को जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए ले जाया गया था।
पिपराइच में फूड प्वाइजनिंग के मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सोमवार को जांच के लिए नमूने मेडिकल कॉलेज स्थित लैब को भेज दिए। होली के बाद रिपोर्ट आने की उम्मीद है। घटना की सूचना मिलने के बाद रविवार रात ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मैरिज हाल से रसमलाई, गुलाब जामुन, फिश फ्राई, चिकन करी, गोलगप्पा का छोला और उसके पानी का नमूना लिया था।
सोमवार को पहले इन नमूनों को जांच के लिए झांसी भेजने की तैयारी थी। मगर गंभीर मामला होने की वजह से समय से जांच रिपोर्ट मिल सके इसके लिए पहले शासन से अनुमति ली गई और फिर जांच के लिए इन्हें मेडिकल कॉलेज स्थित खाद्य सुरक्षा विभाग के लैब में भेजा गया।
सामान्य व्यवस्था के तहत गोरखपुर के नमूने झांसी भेजे जाते हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल सिंह ने बताया कि नमूने, मेडिकल कॉलेज स्थित लैब में भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलते ही आगे की कार्रवाई होगी।
छह दिन के अभियान में 61 छापे, 70 नमूने
होली के मद्देनजर चल रहे विशेष अभियान के आखिरी दिन खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दूध की गुणवत्ता जांची। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने संदेह होने पर दूध के आठ नमूने भी लिए। विभाग के सहायक आयुक्त कुमार गुंजन ने बताया कि छह दिनों के विशेष अभियान में 83 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 61 छापे और 70 नमूने एकत्र किए गए हैं। इनमें खोआ के 10, मिठाई के 19 व अन्य के 41 नमूने शामिल हैं। इसी तरह 10.77 लाख रुपये की खाद्य सामग्री सीज की गई जबकि 1.45 लाख का मिलावटी सामान नष्ट कराया गया।