‘दस्तावेज’ के संपादक हैं प्रो. तिवारी
कुशीनगर जिले में स्थित रायपुर भैंसही-भेड़िहारी गांव में 20 जून 1940 को पैदा हुए प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी गोरखपुर विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग के अध्यक्ष भी रहे हैं। वह साहित्यिक पत्रिका ‘दस्तावेज’ के संपादक भी हैं। साहित्य के लिए वह इंग्लैंड, मॉरीशस, रूस, नेपाल, अमरीका, नीदरलैंड, जर्मनी, फ्रांस, लक्जमबर्ग, बेल्जियम, चीन, आस्ट्रिया, जापान और थाईलैंड आदि देशों की यात्रा कर चुके हैं।
मिल चुके हैं ये सम्मान
प्रो. विश्वनाथ तिवारी को तमाम पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्हें साहित्य अकादमी का महत्तर सम्मान मिला। उन्हें व्यास सम्मान, रूस का पुश्किन सम्मान, शिक्षक श्री सम्मान, साहित्य भूषण सम्मान, हिंदी गौरव सम्मान, महापंडित राहुल सांस्कृत्यायन सम्मान, महादेवी वर्मा गोयनका सम्मान, भारतीय भाषा परिषद का कृति सम्मान मिल चुका है।
रचनाओं का सफर
प्रो. तिवारी 1978 से हिंदी की साहित्यिक पत्रिका दस्तावेज का लगातार संपादन-प्रकाशन कर रहे हैं। दस्तावेज के लगभग दो दर्जन विशेषांक प्रकाशित हुए हैं। दस्तावेज को सरस्वती सम्मान भी मिल चुका है। उनके शोध व आलोचना के 12 ग्रंथ, सात कविता संग्रह, चार यात्रा संस्मरण, तीन लेखकीय-संस्मरण व एक साक्षात्कार प्रकाशित हो चुका है।