गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे में यात्रियों, रेलकर्मियों और उनके परिवारों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी की टंकियों की नियमित जांच और निगरानी की जा रही है। रेलवे के तीनों मंडलों में कुल 10,518 ओवरहेड वाटर टैंक हैं। इनमें वाराणसी मंडल में 3,004, लखनऊ मंडल में 3,549 और इज्जतनगर मंडल में 3,965 टंकियां हैं। सभी टंकियों की निर्धारित समय सीमा में सफाई कराई जा चुकी है। टंकियों में ऑटोक्लोरिनेशन प्लांट लगाए गए हैं, जिससे पानी का स्वत: क्लोरीनीकरण होता रहता है।
इसके साथ ही पानी में अवशिष्ट क्लोरीन और जीवाणुओं की जांच भी लगातार की जा रही है। स्वास्थ्य निरीक्षक जल स्रोतों और पानी पहुंचाने वाले स्थानों से नमूने लेकर जांच करा रहे हैं। वाटर कूलर, आरओ-यूवी संयंत्र, फिल्टर, नल और पाइपलाइनों की सफाई व अनुरक्षण भी किया जा रहा है। रेलवे की चिकित्सा और अभियंत्रण विभाग की टीमें नियमित निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करना रेलवे की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।