- शिकायत करने वाले 15 छात्रों का फर्जी अंकपत्र व सर्टिफिकेट तैयार कर सौरभ के पास भेजा
- फर्जी अंकपत्र और सर्टिफिकेट की जांच में गिरोह का हो सकता है पर्दाफाश
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बस्ती के सावित्री पैरामेडिकल कॉलेज के प्रबंधक सत्यजीत सिंह उर्फ सन्नी ने अपने सहयोगी सौरभ श्रीवास्तव को भी दगा दे दिया। सौरभ के पास अनुभव की कमी होने का फायदा उठाया और उनके छात्रों का प्रवेश अपने यहां करवाकर शुल्क भी खाते में जमा करा लिया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि शिकायत करने वाले 15 छात्रों का मुंह बंद करने के लिए फर्जी अंकपत्र व सर्टिफिकेट भी जालसाजों ने तैयार करवाया था। लेकिन शाहपुर राप्तीनगर के सहयोगी बद्रिका कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस के संचालक सौरभ श्रीवास्तव ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। इसलिए आरोपी की दाल नहीं लग पाई थी। माना जा रहा है कि जांच के बाद छात्रों के साथ फर्जीवाड़ा करने वाले बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है।
सौरभ ने पुलिस को दी तहरीर में लिखा है कि बद्रिका कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस राप्तीनगर में खोला था। उसी समय 2016-17 में उनकी मुलाकात सत्यजीत सिंह उर्फ सन्नी से हुई। आरोपी सत्यजीत सिंह उर्फ सन्नी सिंह ने सौरभ को बताया कि सिंघानिया विश्वविद्यालय राज्य विधान मंडल के अधिनियम द्वारा स्थापित एक वैधानिक निकाय है। जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) अधिनियम 1956 की धारा में मान्यता प्राप्त है। मेरा विद्यालय सावित्री पैरामेडिकल भी सिंघानिया मेडिकल कॉलेज राजस्थान से संबद्ध है। सत्यजीत कहा कि मेरे पास संस्था चलाने का अनुभव है। शुरू में आपके पास जो बच्चे आए, उन्हें मेरे पास भेज दें। साथ ही आप उनका फीस जमा करवाकर फीस का पैसा मेरे विभिन्न खाते में भेज दें। एक-दो साल आप पूरी प्रक्रिया देख लें। सौरभ ने सत्यजीत के आश्वासन के बाद सिंघानिया विश्वविद्यालय से दो अगस्त 2018 को डीफार्मा कोर्स के लिए प्रशिक्षण प्लेसमेंट और शैक्षणिक सहयोग समझौता किया था।
सौरभ ने बताया कि मेरे द्वारा शिक्षा क्षेत्र के अनुभवहीनता का हवाला दिया गया था। इस वजह से सत्यजीत ने मेरे साथ जालसाजी करनी शुरू कर दी। सत्यजीत ने कहा था कि आप भी अपना बद्रिका कॉलेज आफ मेडिकल साइन्स गोरखपुर की संबद्धता सिंघानिया विश्वविद्यालय से करवा दिजिए। मेरे द्वारा इंटरनेट पर सिंघानिया विश्वविद्यालय के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गयी तो पता चला कि उक्त विश्वविद्यालय यूजीसी से मान्यता प्राप्त वैध विश्वविद्यालय है।
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आरोपी के कॉलेज की पहले भी हुई थी जांच
सावित्री पैरा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, बस्ती के प्रबंधक सत्यजीत सिंह सनी से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन मोबाइल स्वीच ऑफ होने के चलते बात नहीं हो सकी। आसपास के लोगों ने बताया कि इस पैरा मेडिकल कॉलेज की कुछ दिन पहले जांच हुई थी। जिसके बाद उसे सीएमओ ने बंद करा दिया था। बताया जा रहा है कि सावित्री पैरा मेडिकल एंड हॉस्पिटल बंद करके प्रबंधन ने दूसरी जगह मीरा हॉस्पिटल के नाम से अलग अस्पताल खोल रखा है। वहां भी पूछने पर प्रबंधक के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी।
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पहले भी छात्रों के साथ फर्जीवाड़े के आए हैं मामले
सितंबर 2023: आगरा में अब्दुल कलाम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के नाम से बोर्ड ऑफिस खोलकर पैरा मेडिकल कॉलेज की फर्जी फ्रेंचाइजी देकर कॉलेज खुलवाने वाला मेडिकल माफिया पंकज पोरवाल को गुलरिहा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गोरखपुर समेत 14 शहरों में पैरामेडिकल कॉलेज खोलकर 800 से अधिक छात्रों के साथ आरोपी ने फर्जीवाड़ा किया था।
जनवरी 2022: पिपराइच के तुर्रा बाजार में स्थित राज नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज के संचालक डॉ. अभिषेक यादव और उनकी पत्नी समेत अन्य पर फर्जीवाड़ा कर कॉलेज चलाने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। कॉलेज के छात्रों ने डीएम से शिकायत की थी, इसके बाद कार्रवाई हुई थी। इसमें डॉक्टर की संपत्ति भी जब्त की गई थी।
सितंबर 2023 : सरदार पटेल सत्यांजलि पैरामेडिकल कॉलेज हर्दिया के नाम से फर्जी विद्यालय खोलकर एएनएम कोर्स के लिए दाखिला किया गया। फर्जी मार्कशीट दी गई और जब छात्रों ने पैसा वापस मांगा तो आत्महत्या कर लेने की धमकी देते हुए कालेज से भाग गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर छात्र-छात्राओं से धन वसूली के मामले में चार केस दर्ज किया।