इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट गीडा गोरखपुर के इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष के छात्रों ने है
गोरखपुर। इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आईटीएम) गीडा के विद्यार्थियों के तैयार ''''ह्यूमन लाइव लोकेशन डिटेक्शन बाई स्मार्ट शूज'''' को पहला पुरस्कार मिला है। इसके अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश की तरफ से आयोजित प्रदर्शनी में कुल 700 प्रोजेक्ट मॉडल में आईटीएम को पांचवां स्थान मिला है। संस्थान के निदेशक और शिक्षकों ने इसके लिए प्रोजेक्ट निदेशक एवं विद्यार्थियों को बधाई दी।
आईटीएम के विद्यार्थियों ने ''''ह्यूमन लाइव लोकेशन डिटेक्शन बाई स्मार्ट शूज'''' प्रोजेक्ट के तहत स्मार्ट तकनीक से लैस ऐसा जूता तैयार किया है, जिसको पहनने वालों की लाइव लोकेशन आसानी से पता चल सकती है। यह तकनीक सैनिकों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। भूस्खलन से लेकर दुर्गम इलाकों में फंसे सैनिकों की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकती है। इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. दीप्ति ओझा के निर्देशन में इलेक्ट्रॉनिक्स अंतिम वर्ष के छात्र संदीप कुमार यादव, आदित्य सिंह एवं शुभम लाल में इस मॉडल को तैयार किया है। इसका उद्देश्य मानव के लाइव लोकेशन को पता करना हैं। इस प्रोेजेक्ट के मॉडल को आईटीएम के इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष के छात्रों ने हैदराबाद के आरबीवीआरआर वूमेंस कॉलेज में नवाचार परिषद संस्थान के द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में प्रदर्शित किया।
इस प्रोजेक्ट को पहला पुरस्कार मिला। वहीं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश के द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में लगभग 700 मॉडल में से चयनित होकर आईटीएम को पांचवां स्थान मिला है। संस्थान के निदेशक डॉ. एनके सिंह ने कहा कि संस्थान हमेशा छात्रहित को ध्यान में रखते हुए नवाचार और आधुनिक तकनीकी के बारे में सीखने और कार्य करने के लिए छात्रों को पर्याप्त अवसर प्रदान कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप छात्र नई- नई तकनीकी पर आधारित मॉडल बना रहे हैं, और देश व प्रदेश स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में स्थान प्राप्त कर संस्थान और परिवार का नाम रोशन कर रहे हैं।
छात्रों के इस उपलब्धि पर संस्थान के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया, संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल ने बधाई देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है।