गोरखपुर। ट्रेन पकड़ने जा रहे हैं और टिकट खिड़की पर लाइन लगी हो तो एटीवीएम (ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन) से जनरल टिकट ले सकते हैं। इसमें भी यदिकोई दिक्कत आ रही है तो अपने मोबाइल फोन पर रेलवे का यूटीएस (अनारक्षित टिकट सिस्टम) एप डाउनलोड करके आसानी से टिकट बना लीजिए। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन सुविधाओं के अलावा यात्रियों की सहूलियत के लिए रेलवे स्टेशन के बाहर जेटीबीएस (जनसाधारण टिकट बुकिंग सेंटर) भी खोले गए हैं। यहां जनरल टिकट आसानी से मिल जाते हैं।
जनरल टिकट से यात्रा करने वाले अधिकांश यात्री जब रेलवे स्टेशन पर पहुंचते हैं, तो खिड़की पर लंबी लाइन देखकर परेशान हो जाते हैं। कई बार ऐसी नौबत आती है कि लोगों की ट्रेन छूट जाती है। ऐसे में यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन के सेकेंंड क्लास गेट पर बने जनरल टिकट काउंटर के पास ही आठ एटीवीएम (ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन) लगाई गईं हैं। इन मशीनों से जनरल टिकट बनाया जा सकता है।
शुक्रवार को आठ मशीनों में पांच काम कर रही थीं, जिनमें दो पर मौजूद ऑपरेटर लोगों को टिकट बनाकर दे रहे थे। रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि अब यूटीएस मोबाइल एप भी उपलब्ध है, जिससे आसानी से जनरल टिकट बनता है। जानकारी के अभाव में तमाम लोग इसका उपयोग नहीं करते हैं।
बिना आरक्षण के 20 किमी तक यात्रा करने वाले लोगों के लिए रेलवे ने यूटीएस (अनारक्षित टिकट सिस्टम) एप की सुविधा दी है। इस एप से मासिक पास और प्लेटफार्म टिकट लिया जा सकता है। इसमें इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई की मदद से टिकट बुक करने पर भुगतान की सुविधा है।
ऐसे इस्तेमाल करें यूटीएस (अनारक्षित टिकट सिस्टम)
यूूटीएस एप को डाउनलोड करके अपना नाम, मोबाइल नंबर सहित अन्य जानकारी दर्ज करें। रजिस्ट्रेशन के बाद ओटीपी से साइन अप कर लें। इसके बाद आईडी और पासवर्ड रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आ जाएगा। अब यूटीएस लॉग इन कर टिकट बुक हो जाएगा। सूची से नार्मल बुकिंग का चुनाव करके प्रस्थान और आगमन स्टेशनों के नाम/कोड दर्ज करने के बाद ट्रेन का प्रकार देना होगा। इसके बाद ऑनलाइन पेमेंट कराकर टिकट बन जाएगा।
रेलवे स्टेेशन के बाहर जेटीबीएस की सुविधा
टिकट खिड़की पर जाकर ट्रेन का टिकट लेने में दिक्कत हो या फिर मोबाइल एप इस्तेमाल न कर पाएं, तो जेटीबीएस से टिकट खरीद सकते हैं। रेलवे स्टेशन के बाहर सुविधा के लिए जन साधारण टिकट बुकिंग सेंटर खोले गए हैं। यहां आसानी से जनरल टिकट मिल जाते हैं।
परिचर्चा
मुझे मुंबई जाने के लिए टिकट लेना था। टिकट खिड़की पर लाइन लगी देखकर मैं बाहर गया। वहां कम समय में टिकट मिल गया।: करीमुल्लाह, गोपालगंज
हम लोग पहले टिकट खिड़की पर गए। वहां बहुत भीड़ थी। एटीवीएम (ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन) पर आसानी से टिकट मिल गया। : अरुण निषाद, तमकुहीराज
रेलवे स्टेशन के बाहर एक टिकट बुकिंग सेंटर पर गया तो वहां आसानी से जनरल टिकट बन गया। यहां आकर टिकट लेने में ट्रेन ही छूट जाती। : दिनेश यादव, कुशीनगर
मैं दोपहर में आया तो पहले खिड़की पर गया। वहां लाइन लगी हुई थी। एटीवीएम(ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन) से टिकट खरीदा है। राहुल गुप्ता, सरैया