मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) को बढ़ते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर 26 से 27 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिया गया है। इस दौरान कक्षाएं एवं अन्य अकादमिक गतिविधियां ऑनलाइन माध्यम से जारी रहेंगी। प्रशासनिक कार्य भी ऑनलाइन ही निपटाए जाएंगे।
कुलपति प्रोफेसर जेपी पांडेय की अध्यक्षता में रविवार को वर्चुअल बैठक हुई। विश्वविद्यालय परिसर में कोविड-19 संक्रमण की स्थिति की समीक्षा हुई। समीक्षा में पाया गया कि पिछले कुछ दिनों में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं परिसरवासियों में संक्रमण फैलने की गति धीमी हुई है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में संक्रमण के पुन: तेजी से प्रसार होने की आशंका भी बनी हुई है।
इसके दृष्टिगत 26 एवं 27 अप्रैल को विश्वविद्यालय बंद रखने का निर्णय लिया गया। अवकाश के दौरान विश्वविद्यालय की समस्त जरूरी सेवाएं यथावत जारी रहेंगी। शिक्षक, अधिकारी व कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के स्टेशन नहीं छोड़ेंगे और अपना मोबाइल फोन भी हमेशा चालू रखेंगे। आवश्यकता पड़ने पर किसी भी शिक्षक, अधिकारी व कर्मचारी को कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बुलाया जा सकता है।
27 अप्रैल को फिर से बैठक होगी और परिसर में संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। यदि संभव हुआ तो आवश्यक कामकाज के लिए रोस्टर के हिसाब से उपस्थिति के आधार पर विश्वविद्यालय खोलने पर विचार किया जाएगा। सभी विभागाध्यक्षों से अनुरोध किया गया कि वे प्रयोगात्मक विषयों के सुचारू अध्यापन के लिए वर्चुअल लैब के माध्यम से प्रायोगिक कक्षाएं चलाये जाने का प्रयास करें।
डॉक्टर व डीएसडब्लू करेंगे एंबुलेंस की निगरानी
विश्वविद्यालय की एंबुलेंस का परिचालन अधिष्ठाता छात्र मामले एवं विश्वविद्यालय चिकित्साधिकारी की संयुक्त देखरेख में किया जाए। विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र में पीपीई किट, कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुसार आवश्यक दवाओं के साथ ही अन्य चिकित्सकीय सामग्री, उपकरण की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के लिए चिकित्साधिकारी डॉ. एके पांडेय को निर्देशित किया गया है।