एनआईआरएफ रैकिंग के लिए कुल पांच बिंदुओं पर डाटा सबमिट करना होता है। एमएमएमयूटी तीन बिंदुओं क्रमश: परसेप्शन, रिसर्च, ग्रेजुएशन आउटकम पर बेहद मजबूत है। इसे और दुरुस्त किया जा रहा है। टीचिंग, लर्निंग एंड रिसोर्सेज और आउटरीच एंड इंक्लूसिविटी पर भी अधिक से अधिक अंक के लिए जद्दोजहद किया जा रहा है।
एनआईआरएफ रैंकिंग के लिए इस बार तीन कैटेगरी में पंजीकरण किया गया है। हर बिंदु पर डाटा एनालिसिस किया जा रहा है। अलग-अलग टीमें इस पर काम कर रही हैं। -प्रो. जेपी सैनी, कुलपति, एमएमएमयूटी।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने भी एनआईआरएफ रैंकिंग के लिए पंजीकरण करा लिया है। गोविवि पिछले सत्र में पंजीकरण के बाद भी डाटा सबमिट नहीं कर सका था। इस बार इसे लेकर पूरी रणनीति के तहत तैयारियां की जा रही हैं। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि विश्वविद्यालय में रैंकिंग सेल का गठन किया गया है। हर बिंदु पर अलग-अलग टीम बनाकर जिम्मेदारी दी गई है। इसे लेकर डाटा कलेक्ट किया जा रहा है। लगातार मीटिंग कर रणनीति बनाई जा रही है।