गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और जिला कारागार के बीच सोमवार को एडमिन ब्लॉक में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत कई सुधार कार्यक्रम की योजना है। यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस और आईटी के छात्र ''''सोशल इंटर्नशिप'''' के तहत कैदियों को कंप्यूटर का प्रशिक्षण देने जेल जाएंगे।
एमओयू के तहत जिला कारागार को डिजिटल सशक्तीकरण के लिए 10 कंप्यूटर प्रदान किए गए। यह पहल जेल को एक ''''सुधार गृह'''' के रूप में देखने की विचारधारा पर आधारित है। इसका उद्देश्य कैदियों का तकनीकी कौशल विकास करना है, जिससे रिहाई के बाद उन्हें रोजगार प्राप्त करने में सहायता मिल सके।
कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में यह पहल की गई है। इसके तहत जेल के भीतर कंप्यूटर आधारित 3डी प्रिंटिंग एवं उन्नत नक्काशी का उपयोग कर भविष्य का एक ''''इन-जेल'''' उद्योग स्थापित करने का दृष्टिकोण भी रखा गया ताकि इन उत्पादों को प्रदर्शनियों में प्रदर्शित कर बेचा जा सके।
इस एमओयू में समाजसेवी बृजेश राम त्रिपाठी ने अहम भूमिका निभाई। इस अवसर पर कुलसचिव चंद्र प्रकाश प्रियदर्शी, अधिष्ठाता प्रो. बीके पांडेय, आईटीआरसी के चेयरमैन प्रो. एसपी सिंह, एनएसएस समन्वयक डॉ. सत्य प्रकाश यादव, जेलर अरुण कुशवाहा व चीफ वार्डन संजय पांडेय आदि मौजूद रहे।