गोरखपुर यूनिवर्सिटी के वाणिज्य संकाय में बृहस्पतिवार की सुबह मतगणना की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके पहले प्रत्याशियों, उनके एजेंट की मौजूदगी में स्ट्रांग रुम का सील तोड़कर मतपेटिकाएं निकाली गईं। मतपत्रों की छंटाई और बंडलिंग में शाम के पांच बज गए। इसके बाद शुरू हुआ पहली वरीयता के मतों की गिनती का सिलसिला। रात 12 बजे तक चौथे राउंड की गिनती पूरी हो सकी और अगले दिन शुक्रवार की सुबह छह बजे तक पहली वरीयता के सभी आठ राउंड की गिनती पूरी होने के साथ ही जीत- हार का फैसला भी हो गया।
जीत के लिए वैध मतों का 50 फीसदी और एक वोट यानी 50,580 मत पाना जरूरी था। भाजपा के देवेंद्र प्रताप को 51,699 वोट मिले। उन्होंने पहले राउंड से ही सपा उम्मीदवार से चार हजार से अधिक मतों की बढ़त बना ली थी। जैसे-जैसे मतों की गिनती का सिलसिला आगे बढ़ा यह अंतर बढ़ता गया जो आखिरी राउंड तक पहुंचते-पहुंचते 17 हजार से अधिक पहुंच गया। 14 टेबल पर पहले राउंड की गणना हुई। हर टेबल पर एक-एक हजार मत गिने जा रहे थे। चार शिफ्ट में कुल 560 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
सपा प्रत्याशी को छोड़ बाकी सभी की जमानत जब्त
गोरखपुर। चुनावी मैदान में 24 प्रत्याशियों में से दूसरे नंबर पर रहे समाजवादी पार्टी के करुणा कांत मौर्या को छोड़ बाकी 22 प्रत्याशी अपनी जमानत राशि भी नहीं बचा पाए। जमानत बचाने के लिए कुल पड़े वैध मतों का पांचवा हिस्सा यानी 20,231 वोट पाना जरूरी था। मगर कोई भी प्रत्याशी छह हजार से अधिक वोट नहीं पा सके। तीसरे नंबर रहे निदर्ज प्रत्याशी रजनीश पटेल को 5,665 वोट मिले तो वहीं 2912 वोट पाकर दिलीप कुमार गौतम चौथे नंबर पर और 1629 वोट पाकर अवंतिका मिश्रा पांचवें पायदान पर रहीं। चुनाव में नामांकन के समय ही सामान्य जाति के उम्मीदवारों को जमानत राशि के तौर पर 10 हजार रुपये और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को पांच हजार रुपये जमा करने पड़े थे।
एमएलसी चुनाव के मैदान में मौजूद 24 में से छह ऐसे प्रत्याशी रहे जो सैकड़े का आंकड़े को भी नहीं छू सके। सबसे कम 25 वोट निर्दल प्रत्याशी शशिकला को मिले तो डॉ अवधेश कुमार यादव को 90, गुलशन तिवारी को 72, डॉ पं. सत्यमणि शुक्ला को 52, सरजू प्रसाद धर दूबे को 62 और संतोष कुमार त्रिपाठी उर्फ गुड्डू पंडित को 60 वोट मिले।
पढ़े लिखे आठ हजार स्नातक मतदाता भी ठीक से नहीं डाल सके वोट
गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक एमएलसी चुनाव में कुल 1 लाख नौ हजार 223 वोटों की गिनती हुई। इनमें से 8,065 वोट तो अवैध घोषित हो गए। कोई एक या दो नंबर की वरीयता के मत, दो या उससे अधिक लोगों को दे दिया तो किसी ने तय बाक्स के बाहर अपनी वरीयता दे दी। किसी ने दस्तखत बना दिए। इस तरह अवैध मतों को बाहर करने के बाद कुल 1 लाख एक हजार 158 मतों की गिनती हुई।
प्रत्याशी - पार्टी - प्राप्त मत
देवेंद्र प्रताप सिंह- भाजपा- 51699
करुणा कांत मौर्य - सपा - 34244
रजनीश पटेल- निर्दल- 5655
दिलीप कुमार गौतम-निर्दल- 2912
अवंतिका मिश्रा - निर्दल - 1629
राहुल कुमार वर्मा- निर्दल- 193
अखंड प्रताप सिंह- निर्दल- 304
डॉ अवधेश कुमार यादव- निर्दल- 90
एडवोकेट अविनाश प्रताप प्रजापति- निर्दल- 405
किरन मौर्या एडवोकेट- निर्दल- 931
गणेश प्रसाद दूबे- निर्दल- 248
गुलशन तिवारी- निर्दल- 72
गोविंद उपाध्याय- निर्दल- 121
बाबूराम पांडेय- निर्दल- 198
रणजीत सिंह- निर्दल- 621
राम भजन- निर्दल- 122
विनीत श्रीवास्तव बालू- निर्दल- 452
विमला कुमारी यादव एडवोकेट- 472
शशिकला- निर्दल- 25
डॉ शिव मोहन सिंह- निर्दल- 211
श्रवण कुमार गुप्ता- निर्दल- 380
डॉ पं. सत्यमणि शुक्ला- निर्दल- 52
सरजू प्रसाद धर दूबे- निर्दल- 62
संतोष कुमार त्रिपाठी उर्फ गुड्डू पंडित- निर्दल- 60