नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल। (फाइल फोटो)
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के नगर विधायक डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अधिकारियों के खिलाफ अक्षमता और निष्क्रियता का आरोप लगाया है। उन्होंने विधानसभा में मामला उठाते हुए शहर की नारकीय स्थिति के लिए इन अफसरों को जिम्मेदार ठहराया है।
विधानसभा में नगर विधायक ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों को निर्देशित किया था कि महानगरों में जो भू-विक्रेता/कॉलोनाइजर सीधे काश्तकारों से लिखवाकर जमीन की प्लाटिंग कर रहे हैं, उन्हें नागरिकों को सड़क, नाली, जलनिकासी तथा पथ-प्रकाश की सुविधाएं देनी होंगी। जो बिल्डर ऐसा न करें, उनकी संपत्ति जप्त करके बेच दी जाए। साथ ही उससे उन कॉलोनियों का विकास कराया जाए।
नगर विधायक ने कहा कि ऐसी कॉलोनियों को बढ़ावा देने वाले अभियंताओं के खिलाफ भी कार्रवाई का आदेश था, लेकिन जीडीए ने मुख्यमंत्री के दो साल पुराने आदेश को डस्टबिन में डाल दिया। उन्होंने कहा कि शहर में कुकुरमुत्ते की तरह ऐसी सुविधा विहीन कॉलोनियां फैलती जा रही हैं और उनमें अधिकतर में अवस्थापना सुविधाएं नहीं हैं।
नगर विधायक ने कहा कि राप्तीनगर स्थित ऐसी ही एक कॉलोनी है हमीदुल्लाहनगर। यहां के नागरिकों की शिकायत पर उन्होंने उसके कॉलोनाइजर की संपत्ति जप्त कराकर कॉलोनी का विकास कराने के लिए जीडीए उपाध्यक्ष को कहा तो उन्होंने उक्त शासनादेश को नकार दिया। कहा कि ये आदेश विकास प्राधिकरण पर लागू ही नहीं होते।
यह कार्य रेरा (रियल स्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) को करना होगा। नगर विधायक ने आग्रह किया कि सरकारी आदेश को लागू कराया जाए और जीडीए के अधिकारियों को शहर में स्थित ऐसी सभी अनियमित कॉलोनियों के विकास के लिए त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाए।