योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो असुरन से झुगियां तक मॉडल सड़क बनाने को कहा। उसके बाद नए सिरे से खर्च की गणना की गई। कई और काम जुड़ने से सड़क की लागत बढ़कर 408 करोड़ हो गई। 2016 में जब सड़क का टेंडर हुआ तो दो साल में सड़क बनाने का करार था पर सड़क में नए कार्य जुड़ने से कार्य पूरा होने में विलंब होने लगा। रही कसर करोना ने पूरा कर दी।
अब बरसात के बाद काम की रफ्तार तेज हुई है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार सड़क का कार्य तो दिसंबर तक पूरा हो जाएगा, पर भटहट में नाले पर पुल बनाया जा रहा है। उसे पूरा होने में मार्च तक का समय लगेगा।
असुरन से झुगियां तक लगभग छह किलोमीटर से अधिक मॉडल सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। जो फोरलेन बन रहा है उसकी चौड़ाई 25 मीटर है। जबकि मॉडल सड़क का हिस्सा 30 मीटर चौड़ा होगा। मॉडल सड़क के दोनों तरफ सर्विस लेन, नाला, बिजली का अंडर ग्राउंड केबल होगा। जलकल ने भी नई पाइपलाइन बिछाई है। सड़क के बीच डिवाइडर पर खजूर के वृक्ष लगाए जाएंगे।
इस फोरलेन पर नाला निर्माण के दौरान लोक निर्माण विभाग व नगर विधायक के बीच खींचतान हुई थी। विधायक नाले को नीचा करने को कह रहे थे। पीडब्ल्यूडी के अभियंता जो बन रहा था उसे सही करार दे रहे थे। कमिश्नर ने कई अभियंताओं की कमेटी बनाई।
लोक निर्माण विभाग ने शहर के नाले का प्लान बना रही फर्म को अपना ड्राइंग दिखाया। उसने सबकुछ सही बताया। पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता ने लिखित दिया कि जल भराव की कहीं कोई समस्या नहीं होगी। होगी तो उसकी जिम्मेदारी उनकी होगी। ऐसा हुआ भी। बारिश खत्म होने को है लेकिन सड़क पर जलभराव नहीं हुआ।
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन का कार्य बहुत तेज गति से हो रहा है। अक्तूबर तक अधिकतर सड़क का काम पूरा हो जाएगा। जो बचेगा वह दिसंबर तक हर हाल में पूरा हो जाएगा। भटहट में पुल बन रहा है। वह भी मार्च तक पूरा हो जाएगा।