22 साल से लापता पत्नी को अचानक अपने सामने देख हरदेव यादव की आंखें भर आईं। मां को घर में देख शादीशुदा तीन बेटों, बहुओं व तीन बेटियों ने उन्हें कलेजे से लगा लिया। पत्नी की राह देखते-देखते हरदेव की पथराई आंखों में चमक लौट आई।
बड़हलगंज ब्लॉक क्षेत्र के कोड़रनिलकंठ गांव निवासी हरदेव यादव की शादी 47 साल पहले बच्ची देवी से हुई थी। बच्ची देवी छह बच्चों की मां बनने के बाद वर्ष 1998 में घर से रात 12 बजे लापता हो गई थीं। महीनों और कुछ वर्षों तक तलाश के बाद वे पत्नी की उम्मीद ही खो चुके थे। जब भी किसी क्षेत्र में अनजान महिला के आने की जानकारी मिलती थी तो वह वहां जरूर पहुंचते थे, मगर हर तरफ से निराशा ही हाथ लगती थी।
शुक्रवार का दिन उनके और परिवार के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया। दोपहर में बच्ची देवी घर लौट आईं। उन्हें देख बूढ़े पति हरदेव यादव व मां को देख शादीशुदा बेटे मुन्ना, विवेक, लाला, बेटी मंजू, संजू, रंजू सहित बहुओं की आंखें भर आईं। इसकी जानकारी होते ही गांव के लोगों की भीड़ लग गई।
बच्ची देवी का कहना है कि वह 22 वर्षों तक कहां थीं कुछ याद नहीं। बताया कि पिड़हनी चौराहा स्थित आरा मशीन के पास आई तो पति, बेटों, बेटियों और परिवार की याद आई। वहां मौजूद किसी ने उन्हें पहचाना और हाथ पर गोदना से लिखे उनके नाम को पढ़ इसकी जानकारी हरदेव यादव को दी। हरदेव वहां पहुंचे और उन्हें घर लेकर आए।