गोरखपुर। रामगढ़ताल और चिड़ियाघर के वेटलैंड में नवंबर के शुरुआत में ही प्रवासी पक्षी डेरा डालते हैं। इस बार नवंबर में भी गर्मी पड़ने से ये पक्षी देर से आए हैं लेकिन जानकारों का कहना है कि वे समय से ही जाएंगे। करीब 15 से 20 मार्च के बाद ये पक्षी लौटने लगते हैं।
ठंड बढ़ते ही ये साइबेरिया, यूरोप और हिमालय के क्षेत्रों से यहां आते हैं और तापमान बढ़ने (गर्मी शुरू होने) के साथ अपने मूल क्षेत्रों में लौट जाते हैं। करीब तीन से चार महीने तक इनके यहां रहने का कार्यकाल होता है। इनके रहने के लिए 10 से 15 डिग्री सेल्सियस तापमान बेहतर माना जाता है।
चिड़ियाघर के उप निदेशक डॉ योगेश प्रताप सिंह कहते हैं-नवंबर प्रथम सप्ताह में प्रवासी पक्षी आने लगते हैं और मार्च मध्य के बाद जाने लगते हैं। चिड़ियाघर के वेटलैंड क्षेत्र में प्रवासी परिंदों के लिए पर्याप्त भोजन और रहने की समुचित व्यवस्था है। 34 एकड़ के प्राकृतिक वेटलैंड में वे मछली व अन्य जलीय जीवों को खाते हैं तो बाहर उन्हें पेड़ों पर फल मिलते हैं। चिड़ियाघर के चारों तरफ ऊंची चहारदीवारी व शांतिप्रिय वातावरण पक्षियों के वास के लिए मुफीद स्थान है। वेटलैंड के आसपास फैली झाड़ियों में वे अपना आशियाना बनाते हैं।