गोरखपुर। एम्स गोरखपुर का 7वां स्थापना दिवस शनिवार को संस्थान परिसर में मनाया गया। समारोह में स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए भविष्य के लिए नए संकल्प लिए गए। कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारियों, संकाय सदस्यों, चिकित्सकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने संस्थान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एम्स गोरखपुर ने कम समय में रोगी सेवा, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और सामुदायिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि यह सफलता संकाय सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है तथा भविष्य में इन सेवाओं को और सशक्त बनाया जाएगा।
एम्स गोरखपुर के अध्यक्ष एवं पद्मश्री डॉ. हेमंत कुमार ने कहा कि संस्थान भारत सरकार के सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास के संकल्प को साकार कर रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में विनम्रता, ईमानदारी और करुणा को सबसे बड़ा मूल्य बताया। मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) नरेंद्र कोटवाल (सेवानिवृत्त) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ज्ञान, कौशल, नैतिकता और संवेदनशीलता को एक सफल चिकित्सक की पहचान बताया।
मेधावियों को सम्मानित किया गया
इस अवसर पर एमबीबीएस के मेधावी विद्यार्थियों को मेरिट अवॉर्ड, बुक प्राइज और गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। मेरिट अवॉर्ड के तहत प्रत्येक छात्र को 7,500 रुपये तथा बुक प्राइज के लिए 20,000 रुपये की सहायता राशि दी गई। एमबीबीएस बैच-2023 के सक्षम रावत समारोह के सबसे चर्चित छात्र रहे। उन्हें मेरिट अवॉर्ड, कई विषयों में बुक प्राइज तथा फार्माकोलॉजी में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर प्रेम नारायण सक्सेना गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। वहीं प्रज्ञा कुमारी को पैथोलॉजी में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर उमा मिश्रा गोल्ड मेडल दिया गया।