फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानिए क्यों गोरखपुर में ऑनलाइन शॉपिंग का किया जा रहा विरोध, 20 अप्रैल से जनता को मिलने वाली है ये सुविधा

Sat, 18 Apr 2020 11:05 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
विज्ञापन

20 अप्रैल से ऑनलाइन शॉपिंग का फैसला सरकार ने लिया है। गोरखपुर व्यापार मंडल में इसका विरोध शुरू हो गया है। व्यापारियों ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप पर भी इसका विरोध किया है। उनका तर्क है कि ऑनलाइन शॉपिंग शुरू होने से पिछले दो-तीन माह में दुकानों, गोदामों, शोरूम में रखे माल का क्या होगा?

विज्ञापन


अगले एक-दो महीने में गर्मी का सीजन भी खत्म हो जाएगा। ऐसे में फ्रिज, कूलर की बिक्री नहीं होने से व्यापारियों को खासा घाटा होगा।

पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष मणि नाथ गुप्ता ने ग्रुप में जवाब दिया और फैसले को गलत बताया। उन्होंने लिखा कि विषय  बहुत गंभीर है। छोटे दुकानदार और छोटे व्यापारियों के बारे में सरकार को सोचना चाहिए।

व्यापारी गोदाम करके घर बैठा है और सरकार ऑनलाइन कंपनियों को व्यापार के लिए छूट दे रही है। व्यापारी नेता शिवराज मलकानी ने कहा कि सरकार सभी वर्गों के व्यापारियों के हितों का ध्यान रखे।
विज्ञापन


सभी व्यापारी सोशल डिस्टेंसिंग ध्यान में रखकर व्यापार करेंगे। थोक वस्त्र वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष राजेश नेभानी ने अपने दूसरे एक साथी के कमेंट का विरोध जताया। उनका तर्क था कि सरकार एक वर्ग के पेशे को अधिक छूट दी हुई है।

उसी पर अध्यक्ष ने कहा कि इस समय लोगों को इसकी जरूरत है। बाकी जिस व्यापार से अभी लोगों का बहुत जुड़ाव नहीं है, उसे नहीं खोलने का फैसला सही है।

विज्ञापन

छोटे-बड़े व्यापारियों के हितों का भी रखा जाए ख्याल

व्यापारी नेता केशव प्रसाद वर्मा ने सरकार से समाज के छोटे व्यापारियों के बारे में सोचने की अपील की। कहा कि व्यापारियों ने बैंकों से लोन लेकर अपने गोदाम भरे हैं। अगर सामान की बिक्री नहीं हुई तो व्यापारियों को काफी नुकसान होगा।

व्यापारी नेता संतोष अग्रवाल ने कहा कि व्यापार बंद कर सारे खर्च व्यापारियों को खुद उठाने पड़ते हैं। ऐसे में अगर सरकार भी उनके बारे में नहीं सोचेगी तो उन्हें काफी परेशानी होगी।

पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल के व्हाट्सएप ग्रुप पर व्यापारियों ने सुबह 12 बजे से अपने-अपने विचार साझा करना शुरू किया। सबकी राय थी कि सरकार को ऑनलाइन व्यापार शुरू करने से पहले थोक व फुटकर के छोटे-बड़े व्यापारियों के हितों का भी ख्याल करना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें