20 अप्रैल से ऑनलाइन शॉपिंग का फैसला सरकार ने लिया है। गोरखपुर व्यापार मंडल में इसका विरोध शुरू हो गया है। व्यापारियों ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप पर भी इसका विरोध किया है। उनका तर्क है कि ऑनलाइन शॉपिंग शुरू होने से पिछले दो-तीन माह में दुकानों, गोदामों, शोरूम में रखे माल का क्या होगा?
अगले एक-दो महीने में गर्मी का सीजन भी खत्म हो जाएगा। ऐसे में फ्रिज, कूलर की बिक्री नहीं होने से व्यापारियों को खासा घाटा होगा।
पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष मणि नाथ गुप्ता ने ग्रुप में जवाब दिया और फैसले को गलत बताया। उन्होंने लिखा कि विषय बहुत गंभीर है। छोटे दुकानदार और छोटे व्यापारियों के बारे में सरकार को सोचना चाहिए।
व्यापारी गोदाम करके घर बैठा है और सरकार ऑनलाइन कंपनियों को व्यापार के लिए छूट दे रही है। व्यापारी नेता शिवराज मलकानी ने कहा कि सरकार सभी वर्गों के व्यापारियों के हितों का ध्यान रखे।
सभी व्यापारी सोशल डिस्टेंसिंग ध्यान में रखकर व्यापार करेंगे। थोक वस्त्र वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष राजेश नेभानी ने अपने दूसरे एक साथी के कमेंट का विरोध जताया। उनका तर्क था कि सरकार एक वर्ग के पेशे को अधिक छूट दी हुई है।
उसी पर अध्यक्ष ने कहा कि इस समय लोगों को इसकी जरूरत है। बाकी जिस व्यापार से अभी लोगों का बहुत जुड़ाव नहीं है, उसे नहीं खोलने का फैसला सही है।