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Gorakhpur News: हनीट्रैप में फंसा मर्चेंट नेवी कर्मी, गोवा में थी तैनाती; लखनऊ एटीएस कर रही पूछताछ

Sat, 18 May 2024 04:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो रोहित सिंह, गोरखपुर

सार

सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी युवती के संपर्क में आकर पिछले चार से पांच वर्षों में वह आईएसआई के साथ सीधे जुड़ गया था। इस दौरान पाकिस्तानी युवती ने कई दूसरी लड़कियों से भी गोवा में उससे मिलवाया था। ये लड़कियां भी आईएसआई के संपर्क में थीं। सूत्रों ने बताया कि मर्चेंट नेवी कर्मी के साथ ही उसके संपर्क में रहने वालों और परिवार के लोगों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
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पिपराइच निवासी मर्चेंट नेवी कर्मी राम सिंह का मकान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पिपराइच इलाके के मर्चेंट नेवी कर्मी को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने हनीट्रैप से जाल में फंसाया था। गोवा में एक जहाज पर काम के दौरान वह एक पाकिस्तानी युवती के जाल में फंसा तो फंसता ही चला गया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, उसे अंतरंग फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया गया।

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यह भी पता चला है कि उसने कई लाख रुपये आईएसआई को भेजे। यूपी एटीएस की टीम युवक को साथ लेकर लखनऊ मुख्यालय चली गई। टीम अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने की कोशिश में जुटी है।

एटीएस के सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी युवती के संपर्क में आकर पिछले चार से पांच वर्षों में वह आईएसआई के साथ सीधे जुड़ गया था। इस दौरान पाकिस्तानी युवती ने कई दूसरी लड़कियों से भी गोवा में उससे मिलवाया था। ये लड़कियां भी आईएसआई के संपर्क में थीं।
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सूत्रों ने बताया कि मर्चेंट नेवी कर्मी के साथ ही उसके संपर्क में रहने वालों और परिवार के लोगों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। इनसे भी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पिपराइच इलाके से पकड़े गए युवक को बृहस्पतिवार रात एटीएस मुख्यालय से आई टीम अपने साथ लेकर चली गई।

इसके पहले थाने में उससे चार घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ में बेहद हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं। एटीएस इन तथ्यों की भी जांच कर रही है। एटीएस सूत्रों ने बताया कि सोशल साइट के सहारे युवक पहले पाकिस्तानी युवती के संपर्क में आया।

इसके बाद गोवा में दोनों साथ में समय बिताने लगे। इस दौरान युवती ने कुछ और लड़कियों से भी उसकी मुलाकात करवाई। सूत्रों ने बताया कि इसके बाद उन युवतियों ने उसके आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बना लिए। फिर ब्लैकमेल करने का सिलसिला शुरू हुआ।

पहले आईएसआई से कुछ रुपये युवक के खाते में मंगवाए गए। फिर उसे विश्वास में लेते हुए आईएसआई ने अपने साथ जोड़ लिया। सूत्रों ने बताया कि विश्वास में लेने के बाद पाकिस्तानी महिला के कहने पर कई जगह उसने रुपये भेजे, जो आईएसआई से जुड़े नेटवर्क के हैं। सूत्रों ने बताया कि एटीएस अब इस बात की जांच कर रही है कि आईएसआई ने किस जानकारी के लिए उसे जोड़ा और क्या-क्या जानकारी उसे हासिल हो चुकी है।

अचानक लापता हो गईं हनीट्रैप वाली युवतियां
एटीएस के सूत्रों ने बताया कि पिपराइच इलाके के युवक के आईएसआई कनेक्शन की जांच शुरू हुई तो पता चला कि गोवा में हनीट्रैप वाली युवतियां लापता हो गई हैं। यह भी पता चला कि मर्चेंट नेवी में तैनात जवान गोवा छोड़कर गोरखपुर आ गया है। एटीएस की टीम मर्चेंट नेवी कर्मी की सोशल मीडिया आईडी और मोबाइल नंबर के क्लोज कॉंटेक्ट की भी जांच कर रही है।

आईएसआई कनेक्शन में पहले भी पकड़े जा चुके हैं लोग
सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर में पाकिस्तानी मूल के आतंकियों के संपर्क में रहने पर कार्रवाई की गई थी। 15 दिन पहले महराजगंज जिले से एक पाकिस्तानी आतंकी को एटीएस ने गिरफ्तार किया था। एटीएस सूत्रों की मानें तो इन गिरफ्तारियों के अलावा भी अभी कुछ बड़ी कार्रवाई एटीएस की तरफ से की जा सकती है।

 सोशल मीडिया आईडी और कॉल की हो रही जांच
एटीएस की टीम मर्चेंट नेवी के जवान की सोशल मीडिया आईडी और मोबाइल नंबर के क्लोज कॉंटेक्ट की भी जांच कर रही है। किससे-किनसे इसकी बात होती थी? पिछले चार से पांच वर्षों में सोशल मीडिया पर कौन-कौन नए दोस्त बनें हैं और वो संपर्क में कैसे आए हैं? इस पूरी कड़ी की तलाश एटीएस पूछताछ में कर रही है।

इसके अलावा पाकिस्तानी मूल की पहली लड़की मर्चेंट नेवी के संपर्क में पहली बार कैसे आई? इसकी भी जांच की जा रही है।

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