- गोरखधाम, एलटीटी समेत कई प्रमुख गाड़ियां रहेंगी निरस्त
- तीन मई तक जारी रहेगा रेलवे का मेगा ब्लॉक
गोरखपुर। सहालग के सीजन में रेलवे के मेगा ब्लॉक ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लेकिन, अभी तो यह शुरुआत थी। 27 अप्रैल से लोगों की दुश्वारियां और बढ़ने वाली है। क्योंकि 27 अप्रैल से नॉन इंटरलॉक का काम शुरू होने के साथ ही गोरखधाम और एलटीटी समेत 107 ट्रेनें तीन मई तक के लिए निरस्त हो जाएंगी। इनमें गोरखपुर से बनकर जाने वाली सभी ट्रेनें शामिल हैं। बिहार की तरफ से आने वाली कुछ ट्रेनों को विशेष समय में मैनुअल सिग्नल से गोरखपुर रेलवे स्टेशन को पार कराया जाएगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है।
यार्ड रिमॉडलिंग का काम तीन मई तक चलेगा। 26 अप्रैल तक प्री एनआई होगी। इसके बाद 27 से तीन मई तक नॉल इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा। तीन मई को रेल संरक्षा आयुक्त निरीक्षण कर मुहर लगाएंगे। इंटरलॉक के बाद ट्रेनों को डोमिनगढ़ या कैंट में नहीं रुकना पड़ेगा।
सिर्फ दो प्लेटफाॅर्म से होगा ट्रेनों का संचलन : 27 मई से नाॅन इंटरलॉकिंग का काम शुरू हो जाएगा। इस दौरान जहां 107 से अधिक ट्रेनें निरस्त रहेंगी। इस दौरान प्लेटफार्म नंबर एक और तीन से ही ट्रेनों का संचलन होगा। बाकी सभी प्लेटफार्म बंद रहेंगे। ब्लॉक के चलते प्लेटफार्म नंबर एक से बस्ती और तीन नंबर से देवरिया-नरकटियागंज की तरफ जाने वाली ट्रेनें चलेंगी।
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11 लाख यात्रियों की रद्द होगी यात्रा
यार्ड रिमॉडलिंग के दौरान करीब 11 लाख यात्रियों की यात्रा रद्द होगी। वहीं रेलवे को करीब 12 करोड़ रुपये का नुकसान भी होगा। गोरखपुर जंक्शन से प्रतिदिन औसतन 80 से 90 हजार यात्री सफर करते हैं। इनसे रोजाना करीब 90 लाख से एक करोड़ रुपये की आय है।
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मेगा ब्लॉक के बाद होंगे ये फायदे
इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम शुरू होने से मैनुअल कार्य पूरी तरह डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर आ जाएगा। स्टेशन मास्टर के हाथ बटन की जगह माउस पर होंगे। माउस से ही रेलवे स्टेशन यार्ड के सिग्नल और प्वाइंट बनेंगे। सिग्नल और प्वाइंट फेल होने की समस्या तो समाप्त होगी और अधिक से अधिक ट्रेनें भी चलाई जा सकेंगी। ट्रेनों का परिचालन भी तेज होगा। रेल हादसों पर भी अंकुश लगेगा। स्टेशन यार्ड में रेल लाइन, प्वाइंट और सिग्नल सिस्टम में सुविधा के अनुसार बदलाव किया जा सकेगा। आने वाले दिनों में पूर्वोत्तर रेलवे के सभी 505 स्टेशनों पर इलेक्ट्रानिक इंटरलाॅकिंग सिस्टम कार्य करने लगेगा। सभी रूटों पर अधिक से अधिक ट्रेनें अधिकतम 110 की जगह 130 की गति से संचालित होने लगेंगी।
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27 से ये मुख्य ट्रेनें रहेंगी निरस्त
12555 गोरखधाम एक्सप्रेस
15211 दरभंगा-अमृतसर
15031 गोरखपुर इंटरसिटी
15105 छपरा-नौतनवा
15273 रक्सौन-आनंद विहार
15081 गोरखपुर-गोमतीनगर
15080 गोरखपुर-पाटलिपुत्र
15131 गोरखपुर-वाराणसी सिटी
15065 गोरखपुर-पनवेल
15048 गोरखपुर-कोलकाता
20103 गोरखपुर-एलटीटी
12571 हमसफर एक्सप्रेस
22424 अमृतसर-गोरखपुर
15028 गोरखपुर-संभलपुर मौर्या
15004 चौरीचौरा एक्सप्रेस
15018 दादर एक्सप्रेस
22549 वंदेभारत एक्सप्रेस
12511 राप्तीसागर एक्सप्रेस
15046 ओखा एक्सप्रेस
18202 नौतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस
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रोडवेज ने किए 100 अतिरिक्त बसों के इंतजाम
गोरखपुर। रेलवे के मेगा ब्लॉक का मुख्य काम 27 अप्रैल से शुरू होना है, ऐसे में यात्रियों की दिक्कतें बढ़ जाएंगी। ट्रेनों के निरस्त होने से लखनऊ, दिल्ली, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जाने वाले यात्रियों के पास एक मात्र विकल्प रोडवेज की बसें होंगी। ऐसे में रेलवे के इस ब्लॉक को देखते हुए परिवहन निगम ने 100 अतिरिक्त बसें आरक्षित रखी हैं। ये बसें 27 से तीन मई के बीच चलवाने की तैयारी है। क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह ने बताया कि बसों को आरक्षित रखा गया है। जिस रूट पर यात्री बढ़ेंगे उस रूट पर बसों को चलवा दिया जाएगा।