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Gorakhpur News: बेतियाहाता से मेडिसिटी डॉक्टर तब जाएंगे.. जब प्लॉट छोटे और कीमत कम हो

Sat, 17 Feb 2024 09:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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छात्र संघ से बेतियाहाता रोड पर हॉस्पिटल के सामने सड़क तक खड़े वाहन - फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर शहर के बाहर अस्पताल खुलें, जिससे लोगों को जाम से राहत मिले, यह डॉक्टर भी चाहते हैं। वे भी मानते हैं कि बेतियाहाता बेतरतीब मेडिकल हब बन गया है, क्योंकि पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से दिन भर जाम की दिक्कत रहती है। खोराबार मेडिसिटी योजना में अगर प्लॉट के साइज छोटे और कीमत में सहूलियत मिल जाए तो किसी को ऐसा करने में दिक्कत नहीं आएगी। कुछ डॉक्टर बेतियाहाता के जाम को बड़ी दिक्कत तो मानते हैं, मगर मेडिसिटी उन्हें दूरी की वजह से रास नहीं आता है।
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चिकित्सकों का यह भी कहना है कि व्यावहारिक दिक्कतों को प्रशासन को भी समझना होगा। कई डॉक्टर नए अस्पताल बनवाने की तैयारी में हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि उन्हें कुछ रियायत दी जाए। अगर पहल दोनों तरफ से निश्चित ही शहर के बाहर एक नया मेडिकल हब बन सकता है।

प्लॉट व रेट पर विचार जरूरी
हमने मेडिसिटी में प्लॉट के लिए प्रयास किया था, लेकिन प्लॉट के साइज व रेट को लेकर दिक्कत आई। वहां जो प्लॉट व रेट मिल रहा है, उससे सस्ते दर पर निजी जमीनें उपलब्ध हैं। इसलिए हमने प्रयास छोड़ दिया। सरकार को ऐसा रेट तय करना चाहिए, जो पहुंच के अनुसार हो। इसके अलावा जमीन पर ब्याज मुक्त ऋण दिया जाना चाहिए, जिससे कि डॉक्टर अपना अस्पताल बना सकें।- डॉ. नदीम अरशद, चेस्ट रोग विशेषज्ञ
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सारे डॉक्टर एक जगह हों तो बहुत ही अच्छा
अगर सारे डॉक्टरों के क्लीनिक व अस्पताल एक जगह हो जाएं तो यह मरीजों के लिहाज से बहुत ही अच्छा होगा। एक जगह ही सारी व्यवस्था हो जाएगी। मरीजों को अलग अलग स्पेशिएलिटी के डॉक्टर्स के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। मरीज खुद भी शहर के ट्रैफिक में फंसने से बचेंगे और दूसरों को भी राहत मिलेगी। इसके अलावा नजदीक होने पर अलग-अलग डॉक्टर्स एक मरीज के बारे में एक दूसरे की ओपिनियन भी आराम से ले सकेंगे।- डॉ पंखुड़ी जौहरी नेत्र रोग विशेषज्ञ

कुछ और विकल्प भी खोजने होंगे
एक ही जगह सारी स्वास्थ्य सुविधाएं देने का विचार अच्छा है। इससे न केवल शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि मरीजों व तीमारदारों को भी फायदा होगा। हालांकि, इसके कुछ नुकसान भी हैं, जैसे कि शहर के लोगों को ही नजदीक में सुविधा नहीं मिलेगी। इसलिए सभी को वहां ले जाना न तो व्यावहारिक है और न ही ऐसा करना संभव। इसलिए कुछ और विकल्प भी खोजने होंगे।

डॉ. डीके सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ
बड़े अस्पताल के लिए सस्ते रेट पर जमीन मिले तो डॉक्टर वहां जाएंगे
बेतियाहाता शहर का केंद्र है। यहां चारों तरफ से आना-जाना आसान है। छोटे मेडिकल स्टोर व जांच के संसाधन भी अगल-बगल हैं। इसलिए यह इलाका डॉक्टरों की क्लीनिक के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। एक तरह से देखें तो यहां किसी बड़े अस्पताल की जरूरत के अनुसार सुविधाएं हैं। मेडिसिटी बड़े अस्पतालों के लिए उपयुक्त है। जो लोग वहां अस्पताल खोलना चाहते हैं, उन्हें सस्ते रेट पर जमीन दी जाए तो कई डॉक्टर वहां जाएंगे।- डॉ. अश्विनी मिश्रा- न्यूरो विशेषज्ञ

मेडिसिटी के आसपास वालों को राहत होगी, दूरी बनेगी दिक्कत
मेडिसिटी शहर के बाहर है। वहां एक ही जगह सारे डॉक्टरों की मौजूदगी की योजना तो अच्छी है, लेकिन उसका फायदा अगल-बगल को ही मिलेगा। गोरखनाथ और नौसड़ से मेडिसिटी दूर है। इससे उन इलाके के मरीजों को छोटी-छोटी जांच के लिए भी अनावश्यक परेशान होना पड़ेगा। इसलिए सभी को वहां ले जाने के बजाय कुछ बड़े अस्पतालों को ले जाना ज्यादा उचित होगा।-डॉ. लोकेश गुप्ता, हृदय रोग विशेषज्ञ

हर मोहल्ले में होना चाहिए प्रबंध
सारे अस्पतालों को एक जगह करने का विचार अच्छा है। मरीजों को एक ही जगह बेहतर डॉक्टर, दवा, उपकरण आदि सब कुछ मिलेगा, लेकिन इसका साइड इफेक्ट भी होगा। एक जगह इतनी अधिक भीड़ होने से वहां भी आवागमन से लेकर अन्य समस्याएं शुरू हो जाएंगी। इसके अलावा बाहर से आने वाले मरीजों को तो फायदा होगा, लेकिन शहर के अंदर रहने वाले मरीजों को वहां तक जाने में दिक्कत होगी। स्वास्थ्य ऐसी सुविधा है, जिसे एक जगह एकत्रित करने के बजाय हर मोहल्ले में इसका प्रबंध होना चाहिए।-डॉ. प्रकाश चंद्र शाही, हृदय रोग विशेषज्ञ।
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