कोरोना जांच करता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो)
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किसी में यदि कोविड के लक्षण नजर आ रहे हैं और उसकी एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव है तो भी उसे दवा खानी होगी। साथ ही उसे दूसरे राज्यों में न घूमने की सलाह दी जाएगी। लक्षण के आधार पर ऐसे मरीजों की जांच आरटीपीसीआर से होगी। रिपोर्ट निगेटिव आने तक लक्षणयुक्त मरीज को होम आइसोलेशन में रहना होगा।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र भेजा है। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी केएन बरनवाल ने बताया कि पत्र में कहा गया है कि उन व्यक्तियों की आरटीपीसीआर जांच पुन: न की जाए जो एंटीजन जांच या आरटीपीसीआर जांच में कोविड पॉजिटिव हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि जो कोविड पॉजिटिव मरीज होम आइसोलेशन के बाद स्वस्थ हो चुके हैं उनकी दोबारा कोविड जांच कराने की आवश्यकता नहीं है। लक्षण युक्त व्यक्तियों को दूसरे राज्यों के भ्रमण से रोकना है। बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में एंटीजन जांच के लिए बूथ बनाने के निर्देश मिले हैं।
एंटीजन जांच में निगेटिव पाए जाने पर भी लक्षणयुक्त व्यक्तियों को दवाएं देकर होम आइसोलेशन में रहने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के विवरण में टीकाकरण की स्थिति को अवश्य दर्ज किया जाना है और प्रत्येक एंटीजन जांच का विवरण पोर्टल पर भी अपडेट करने का दिशा-निर्देश मिला है।
इन लक्षणों पर देना है ध्यान
अपर मुख्य सचिव के भेजे गए पत्र के अनुसार अगर कोई व्यक्ति बुखार, खांसी, सिरदर्द, गले में खराश, सांस फूलने, स्वाद एवं गंध जाने, कमजोरी और डायरिया जैसे लक्षणों से ग्रसित है तो उसे कोविड-19 के रोगी जैसा ही समझना है। जब तक की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट निगेटिव न आ जाए।