दवा व्यापारियों की सुविधा के लिए नए लाइसेंस के आवेदन, पुराने का नवीनीकरण, ब्लड बैंक के आवेदन के साथ ही थोक लाइसेंस के लिए शासन ने नए निर्देश दिए हैं। इसके तहत अब आवेदन में खामी मिलने पर ड्रग इंस्पेक्टर निरस्त नहीं कर सकेंगे। ऐसे में व्यापारियों को दोबारा फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। इस फैसले से दवा विक्रेता समिति ने खुशी जताई है।
जानकारी के मुताबिक, अब तक खाद्य औषधि प्रशासन विभाग दवा व्यापारियों का शोषण लाइसेंस का आवेदन या फिर पुराने का नवीनीकरण करने के नाम पर करता था। व्यापारी को नए लाइसेंस के लिए आवेदन करना पड़ता है। साथ ही पुराने लाइसेंस का हर पांच साल पर नवीनीकरण करना पड़ता था। जिले में सात हजार से अधिक दवा व्यापारी हैं। इसकी वजह से हर साल करीब 1200 से 1500 दवा व्यापारियों का नवीनीकरण होता है।
हर साल 400 से 500 नए लाइसेंस भी बनते हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाते हैं। इसके लिए तीन हजार रुपये चालान फीस है। आवेदन के दौरान विभाग कोई खामी दिखाकर आवेदन निरस्त कर देता था। लेकिन अब सरकार के नए फैसले से विभाग आवेदन निरस्त नहीं कर सकता है। खामियां बताकर उसे सही करने को कह सकता हैं।