स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को तारामंडल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के बेसमेंट में मेडिकल कचरा फेंका हुआ पाया गया। कई अन्य गड़बड़ियां भी मिलीं। अस्पताल प्रबंधन को तुरंत चिकित्सा सेवाएं बंद करने और भर्ती मरीजों को जल्द दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने का नोटिस जारी किया गया। पंजीकरण का आवेदन होने के कारण अस्पताल सील नहीं किया गया, लेकिन चेतावनी दी गई कि यदि अब कोई नया मरीज भर्ती किया गया तो सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
कृष्णा हॉस्पिटल शनिवार को मरीज को बंधक बनाए जाने का आरोप लगने से चर्चा में आया था। सपा पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने आरोप लगाया था कि अस्पताल में मामूली चोट का इलाज कराने पहुंचे लड़के को तीन दिन भर्ती कर 39 हजार रुपये का बिल थमा दिया गया था। बिल नहीं चुकाने पर लड़के को बंधक बनाया गया था। पार्षद के हस्तक्षेप के बाद लड़के को छोड़ा गया था। मामला गरमाने पर सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने हॉस्पिटल की जांच का आदेश दिया था। सोमवार को जांच के बाद अस्पताल को बंद करने का नोटिस जारी किया गया।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि कृष्णा हॉस्पिटल के प्रबंधन ने दो माह पूर्व पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। कुछ आपत्तियां थीं, जिनका निस्तारण करने का निर्देश दिया गया था। कमियां दूर नहीं की गईं, इसलिए पंजीकरण भी नहीं किया गया। हॉस्पिटल प्रबंधक रमेश यादव ने बताया कि उन्होंने हॉस्पिटल के पंजीकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग में दो माह पहले ही आवेदन किया था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यदि कोई कमियां बताई जाती हैं तो उन्हेें दूर कराया जाएगा। हॉस्पिटल में सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों से ही इलाज कराया जाता है।