गोरखपुर। लोक निर्माण विभाग एवं जल निगम की टीम ने बशारतपुर राजनगर में गोड़धोइया नाले के किनारे बने चार मकानों की पैमाइश की। आकार की नापजोख के साथ यह भी देखा कि मकान ईंट से बना है या कंक्रीट से। इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद स्पष्ट होगा कि पहले हुई पैमाइश सही थी या उसमें मनमानी की गई थी।
बशारतपुर राजनगर में मुख्य राजस्व अधिकारी सुशील गौड़ जांच करने पहुंचे थे तो स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि मकानों का मुआवजा तय करने में भेदभाव किया गया है। जिनका मकान ईंट से बना है, उन्हें कंक्रीट का मुआवजा दे दिया गया है। इस मामले में मुख्य राजस्व अधिकारी ने नाले के दायरे में लिए गए मकानों और जमीनों की फिर से नाप जोख कराने की बात की थी। मतदान के दिन मंगलवार को जल निगम व लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने राजेश श्रीवास्तव, वीके पांडेय, नूतन श्रीवास्तव एवं रंजीत सिंह के मकान की पैमाइश कराई।
गोड़धोइया नाला के किनारे के मकानों की फिर से पैमाइश कराई गई है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पहले की रिपोर्ट के आधार पर दिए गए मुआवजे की जांच की जाएगी। इस रिपोर्ट को स्थानीय लोगों में सार्वजनिक भी किया जाएगा।
सुशील गौड़, मुख्य राजस्व अधिकारी