बिजली उपकेंद्र में नशे की हालत में लेटे कर्मचारी का वीडियो वायरल होने का मामला
जांच के लिए मुख्य अभियंता ने दो अभियंताओं की टीम गठित की, सप्ताह भीतर देनी होगी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बिजली उपकेंद्र के कैश काउंटर पर तैनात बाबू जमीन पर ही लेट गया था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और फोटो का संज्ञान लेकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने मुख्य अभियंता को मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है। मुख्य अभियंता ने दो अभियंताओं की टीम गठित कर जांच सौंपी है जिसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में देनी होगी। वायरल वीडियो में सामने आया कैश काउंटर बाबू और संबंधित उपकेंद्र के जेई की कार्य प्रणाली जांची जाएगी।
अमर उजाला में बुधवार को बिजली उपकेंद्र में पार्टी... थोड़ी सी जो पी ली है, शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। वायरल वीडियो में साफ था कि किसी सहयोगी ने ही बिजली उपकेंद्र के अंदर जाकर वीडियो बनाया है। वीडियो में भी दिखा रहा कि कर्मचारी कितने नशे में है। 40 सेकेंड के वीडियो के साथ कई फोटो भी वायरल हुए हैं। ये वीडियो सरकारी दफ्तर के होने की वजह से इसकी गंभीरता बढ़ गई।
सूत्रों ने बताया कि इस तकनीकी कर्मचारी को लेकर निगम के लोगों ने भी अपनी रिपोर्ट अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी है। जबकि, वायरल वीडियो में शराब की बोतल या अन्य सामान नहीं होने की वजह से अधिकारी भी कार्रवाई करने में संकोच कर रहे हैं। लेकिन, संबंधित के कार्य व्यवहार की जांच करवाने के बाद मुख्य अभियंता के निर्देश पर कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रारंभिक जांच में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची टीम
खबर का संज्ञान लेकर एमडी पूर्वांचल ने रिपोर्ट तलब की थी। मुख्य अभियंता ने संदीप मौर्य और अनिल कुमार श्रीवास्तव की टीम गठित की है। प्रारंभिक जांच में टीम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची। जबकि, कैश काउंटर देर से खोले जाने, ओटीएस में पंजीकरण कम होने, कैंप न लगवाने और पर्यवेक्षणीय कार्य में लापरवाही की वजह से अवर अभियंता सत्येंद्र कुमार को आरोप पत्र जारी किया गया है।
कोट
शराब पी थी या नहीं, यह जांच का विषय है। लेकिन, वायरल वीडियो में जिस व्यवहार में कर्मचारी नजर आ रहा है, यह गलत है। अगर उसकी तबीयत खराब थी, तो किसी ने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को क्यों नहीं दी? ऐसी हालत में दफ्तर परिसर के भीतर सोया था, तो इसका कारण क्या था। अगल-अलग बिंदुओं पर जांच करवाई जाएगी।
- आशु कालिया, मुख्य अभियंता