वर्ष 2019 में एम्स में एमबीबीएस कोर्स शुरू हुआ था। पहले बैच में 50 छात्रों को प्रवेश मिला था। इनमें से चार छात्र लगातार चार वर्ष तक फेल होते रहे। दूसरे बैच यानी 2020 के दो छात्र व एक छात्रा लगातार फेल होते रहे। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के नियम के अनुसार ऐसे छात्रों को फिर मौका नहीं दिया जाता है।
एम्स से एमबीबीएस उत्तीर्ण करने को लेकर चौकाने वाली खबर आई है। यहां सत्र 2019 और 2020 के छह ऐसे छात्र हैं, जिन्होंने अब जाकर प्रथम वर्ष में पास होने में सफलता प्राप्त की है। यह छात्र परीक्षाओं में पांच से छह बार फेल हो चुके थे। एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने इसकी पुष्टि की है।
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वर्ष 2019 में एम्स में एमबीबीएस कोर्स शुरू हुआ था। पहले बैच में 50 छात्रों को प्रवेश मिला था। इनमें से चार छात्र लगातार चार वर्ष तक फेल होते रहे। दूसरे बैच यानी 2020 के दो छात्र व एक छात्रा लगातार फेल होते रहे। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के नियम के अनुसार ऐसे छात्रों को फिर मौका नहीं दिया जाता है।
इन छात्रों ने एम्स की गवर्निंग बॉडी में दया की अपील की थी। छात्र हाॅस्टल में रहने के साथ ही कक्षा भी करते रहे। उनके कॅरिअर को देखते हुए एक और मौका दिया गया था। बताया जा रहा है कि इनमें से एक छात्रा अभी भी पास नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि उस छात्रा को एक और मर्सी अटेम्प्ट के लिए एम्स प्रशासन से अनुरोध की तैयारी है।