अपने घर पर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव परिवार के साथ आराम करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला।
नगर निकाय चुनाव के तहत सोमवार को भी ज्यादातर प्रत्याशी चुनावी खर्च का हिसाब देने नहीं पहुंचे। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर खर्च का ब्यौरा जमा करने के लिए तीन तिथि तय की गई है। मगर, दो तिथियां बीत गईं और अभी भी ज्यादातर प्रत्याशियों ने अपने खर्च का ब्यौरा नहीं उपलब्ध कराया। 13 जून को हिसाब देने का आखिरी मौका है।
सोमवार को मेयर के 13 में से तीन प्रत्याशियों ने अपने खर्च का ब्यौरा उपलब्ध कराया। इनमें भाजपा के मंगलेश ने अब तक सबसे अधिक खर्च किया है। उन्होंने नामांकन से अब तक 19 लाख 75 हजार 600 रुपये खर्च किया है।
बसपा के नवल किशोर नथानी ने 4 लाख 61 हजार 272 रुपये तथा निर्दल प्रत्याशी सत्यव्रत जायसवाल ने 1 लाख 61 हजार 267 रुपये खर्च किया है। पार्षद के लिए सोमवार को 50 प्रत्याशियों ने अपने खर्च का ब्यौरा उपलब्ध कराया। इनमें गिरधरगंज वार्ड से भाजपा प्रत्याशी रणंजय जुगनू सबसे अधिक 1 लाख 28 हजार 700 रुपये खर्च कर चुके हैं।
हालांकि मेयर समेत सभी प्रत्याशी, निर्वाचन आयोग की ओर से तय की गई चुनावी खर्च सीमा तक नहीं पहुंच सके हैं। ज्यादातर तो आधे से भी कम हैं। मेयर के लिए खर्च की अधिकतम सीमा 40 लाख जबकि पार्षद के लिए तीन लाख और नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए 2.5 लाख तथा सदस्य के लिए 50 हजार है।