कार्यालय अधीक्षक कक्ष में था सन्नाटा, जल रही थी लाइट, चल रहे थे पंखे
- खामियों पर जताई नाराजगी, दीदी कैफे कैंटीन को दुरुस्त कराने का निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को नगर निगम के कार्यालयों का निरीक्षण किया। कई कार्यालय में संबंधित अधिकारी नदारद मिले और कमरे के बिजली, पंखे चलते रहे, इसपर उन्होंने नाराजगी जताई। निगम में बने दीदी कैफे कैंटीन में बैठने के लिए कुर्सी, पंखे, मेज और अन्य कुछ भी नहीं मिले। इसे सही करवाने का निर्देश दिया।
मेयर सुबह 11 बजे पार्षद अजय राय, मोहन सिंह, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, जोनल अधिकारी जोन 2 नर्वदेश्वर पांडेय के साथ प्रथम तल पर कार्यालय अधीक्षक कक्ष में पहुंचे जहां कार्यालय अधीक्षक अनुपस्थित मिले, लेकिन लाइट जल रही थी और पंखा चल रहा था।
टैली कक्ष में कोई कर्मचारी उपस्थित नहीं मिला। पूछने पर पता चला कि लेखा विभाग गए हैं। जोनल अधिकारी कक्ष, अवर अभियंता, सहायक अभियंता कक्षों में कोई अपने सीट पर नहीं मिला। प्रथम तल पर स्थापित आरओ मशीन से पानी गिरता मिला, मेयर ने उसके संरक्षण के निर्देश दिए।
निचले तल पर स्थित रेंट विभाग, जन्म-मृत्यु कार्यालय एवं स्वास्थ्य विभाग में सभी कर्मचारी पटल पर मिले। पथ प्रकाश विभाग एवं वाहन कार्यालय के निरीक्षण में अधिकारी उपस्थित नहीं मिले। जेम पोर्टल कार्यालय में गंदगी मिली।
-ट्रोल फ्री नंबर को 24 घंटे चालू रखने का निर्देश
आईटीएमएस कंट्रोल रूम का भी उन्होंने निरीक्षण किया। उपस्थित कर्मचारियों ने बताया कि 13 चौराहों की मानिटरिंग होती है। सौन्दर्यीकरण एवं सड़क चौड़ीकरण के कारण 6 चौराहों का मानिटरिंग का कार्य बंद है। केवल 7 चौराहों की मानिटरिंग हो रही। मेयर ने कहा कि असुरन चौराहे पर सिर्फ कैमरा लगाकर निगरानी करें। डीसीसीसी कंट्रोल रूम का निरीक्षण में पता चला कि काफी कम शिकायतें आती हैं। उन्होंने संबंधित को निर्देशित किया कि कंट्रोल के टोल फ्री नम्बर 1533 एवं 8810709390 को 24 घंटे चालू रखें।