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Gorakhpur News: मौनी अमावस्या कल, पवित्र नदियों में श्रद्धालु करेंगे स्नान-दान

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- बिना बोले इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान का है विशेष महत्व, मिलता है पुण्य फल
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संवाद न्यूज एजेंसी

गोरखपुर। माघ मास की अमावस्या 18 जनवरी को मौनी अमावस्या धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दिन शुभ नामक औदायिक योग में श्रद्धालु नदियों में स्नान-दान करेंगे। इस दिन से द्वापर युग की शुरुआत हुई थी। इस दिन मौन रह कर स्नान व मौन व्रत का विशेष महत्व बताया गया है।
गोरखनाथ संस्कृत विद्यापीठ के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. दिग्विजय शुक्ल ने बताया कि धर्म शास्त्रों के अनुसार मौनी अमावस के दिन मौन धारण करने की प्रथा है। इस दिन गंगा स्नान का महत्व है। मौन रहकर गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करने से कष्टों और बीमारियों से मुक्ति मिलती है। स्नान चाहें किसी तीर्थ स्थान, सरोवर अथवा घर में ही किया जा रहा हो, लेकिन स्नान से पहले गंगा जी का स्मरण करना चाहिए। पद्मपुराण के अनुसार, माघ कृष्ण पक्ष की अमावस्या को जो सूर्योदय से पूर्व तिल और जल से पितरों का तर्पण करता है, वह स्वर्ग में अक्षय फल भोगता है।
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वहीं पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि मौनी अमावस्या के दिन त्रिवेणी संगम पर स्नान करने से सौ अश्वमेध यज्ञ और एक हजार राजसूय यज्ञ का फल मिलता है। यह तिथि मौन रहकर मुनियों के समान आचरण करते हुए स्नान करने का है। माघ मास में गोचर करते हुए सूर्य जब चंद्रमा के साथ मिलकर मकर राशि पर आसीन होते हैं तो ज्योतिष में उस काल को मौनी अमावस्या कहते हैं। यद्यपि किसी भी तीर्थ स्थल या सरोवर में स्नान किया जाए तो पुण्य की प्राप्ति होती है।
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मौनी अमावस्या पर बसों के रहेंगे इंतजाम
परिवहन निगम की ओर से मौनी अमावस्या पर पर्याप्त बसों के इंतजाम किए गए हैं। जिले में 18 जगहों को चिन्हित किया गया है जहां से बसें चलेंगी। रेलवे बस स्टेशन पर भी पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालु बसों से शनिवार को प्रयागराज के लिए रवाना होंगे। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह ने बताया कि 450 बसें चलाई जा रही हैं। यात्रियों को असुविधा नहीं होगी।
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