गोरखपुर। डायल 112 में तैनात सिपाही की अपहृत बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में शनिवार को सुनवाई नहीं हो सकी। बालिका की बड़ी बहन तबीयत खराब होने की वजह से न्यायालय में नहीं पहुंची। विशेष न्यायाधीश शमीम अहमद अंसारी ने साक्ष्य के लिए अगली तिथि एक सितंबर रखी है।
मामले में बर्खास्त सिपाही अभिषेक यादव पर आरोप तय हो चुके हैं। इससे पहले बालिका के पिता की गवाही न्यायालय में दर्ज हो चुकी है। अब बड़ी बहन का बयान अभियोजन की साक्ष्य प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उसके बाद अभियोजन पक्ष अन्य गवाहों और साक्ष्यों को क्रमवार न्यायालय के सामने पेश करेगा। मामला 28 जुलाई की रात का है।
बालिका जिला अस्पताल में भर्ती अपनी बड़ी बहन को भोजन देने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान डायल 112 में तैनात रहे गाजीपुर निवासी सिपाही अभिषेक यादव ने उसे अगवा कर लिया। आरोपी पर बालिका से दुष्कर्म करने के बाद हत्या कर शव चिलुआताल क्षेत्र में रोहिन नदी के किनारे फेंक दिया था। 30 जुलाई को बालिका का शव मिला था। पुलिस ने मामले की जांच के बाद 31 जुलाई को अभिषेक यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। बाद में आरोपी सिपाही को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।