टीम को देखते ही कारोबारियों में हड़कंप मच गई। इस बीच बाला जी ट्रेडर्स पर छह रुपये एमआरपी के मास्क ब्लैक में अधिक दाम पर बेचते हुए पाया गया। इस पर टीम ने दुकान पर रखे सभी मास्क को जब्त कर लिया। ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने बताया कि निसी फार्मा, चोखानी सर्जिकल, अशोक ट्रेडर्स, अनुपम सर्जिकल और रामा फार्मा से एक महीने के अंदर मास्क की खरीद और बिक्री का रजिस्टर मांगा गया है। इसके बाद स्टाक का मिलान किया जाएगा।
भालोटिया मार्केट में जिस छह रुपये के मास्क को लोग 50 रुपये में खरीद रहे थे दरअसल वह कोरोना जैसे वायरस को रोकने के लिए प्रमाणित भी नहीं था। जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एके सिंह ने बताया कि यह साधारण मास्क है। छोटे-मोटे ऑपरेशन में इस मास्क का प्रयोग किया जाता है। यह कोरोना के वायरस को नहीं रोक सकता है। इससे अच्छा है कि घर में रखे मोटे रुमाल को या फिर स्कार्फ को डबल कर चेहरे पर बांध लें। यह उस मास्क से बेहतर है।
दवा विक्रेता समिति के महामंत्री आलोक चौरसिया ने बताया कि समिति हमेशा से ही सबके साथ है। अगर कोई ब्लैक में मास्क और सेनेटाइजर बेच रहा है तो यह पूरी तरह से गलत है। कोरोना जैसे महामारी से निपटने के लिए समिति की ओर से उचित दर पर दवाएं, मास्क और सेनेटाइजर उपलब्ध कराएं जाएंगे।