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कोरोनावायरस: छह रुपये का मास्क 50 रुपये में बेच रहे थे दुकानदार, एक गलती और जब्त हो गया पूरा माल

Fri, 06 Mar 2020 07:56 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।

सार

  • सिटी मजिस्ट्रेट के साथ ड्रग इंस्पेक्टर ने भालोटिया मार्केट में छापा मारा
  • मास्क और सेनेटाइजर उपलब्ध कराने का दिया निर्देश
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Gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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भालोटिया मार्केट में शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव और ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने छापा मारा। इस दौरान टीम ने छह रुपये एमआरपी का मास्क 50 रुपये में बिकता पाया। इस पर बाला जी ट्रेडर्स पर रखे सभी मास्क को जब्त कर लिया गया। पांच अन्य दुकानों की जांच भी की गई।

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मजिस्ट्रेट ने दुकानदारों को निर्देशित किया कि अगर कोई दुकानदार अधिक दाम पर मास्क बेचते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में मास्क और सेनेटाइजर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बता दें कि अमर उजाला ने पांच मार्च के अंक में मास्क के दाम चार गुना तक बढ़े खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

देश में कोरोना वायरस के मामलों की पुष्टि होने के बाद अचानक मास्क की डिमांड बढ़ गई है। गोरखपुर के भालोटिया मार्केट से लगातार यह शिकायत मिल रही थी कि मास्क अधिक दामों पर बेचे जा रहे हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव, ड्रग इंस्पेक्टर के साथ शुक्रवार की दोपहर भालोटिया मार्केट पहुंचे और छापे की कार्रवाई की।

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ऐसे मास्क से रुमाल या स्कार्फ बेहतर

टीम को देखते ही कारोबारियों में हड़कंप मच गई। इस बीच बाला जी ट्रेडर्स पर छह रुपये एमआरपी के मास्क ब्लैक में अधिक दाम पर बेचते हुए पाया गया। इस पर टीम ने दुकान पर रखे सभी मास्क को जब्त कर लिया। ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने बताया कि निसी फार्मा, चोखानी सर्जिकल, अशोक ट्रेडर्स, अनुपम सर्जिकल और रामा फार्मा से एक महीने के अंदर मास्क की खरीद और बिक्री का रजिस्टर मांगा गया है। इसके बाद स्टाक का मिलान किया जाएगा।

भालोटिया मार्केट में जिस छह रुपये के मास्क को लोग 50 रुपये में खरीद रहे थे दरअसल वह कोरोना जैसे वायरस को रोकने के लिए प्रमाणित भी नहीं था। जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एके सिंह ने बताया कि यह साधारण मास्क है। छोटे-मोटे ऑपरेशन में इस मास्क का प्रयोग किया जाता है। यह कोरोना के वायरस को नहीं रोक सकता है। इससे अच्छा है कि घर में रखे मोटे रुमाल को या फिर स्कार्फ को डबल कर चेहरे पर बांध लें। यह उस मास्क से बेहतर है।

दवा विक्रेता समिति के महामंत्री आलोक चौरसिया ने बताया कि समिति हमेशा से ही सबके साथ है। अगर कोई ब्लैक में मास्क और सेनेटाइजर बेच रहा है तो यह पूरी तरह से गलत है। कोरोना जैसे महामारी से निपटने के लिए समिति की ओर से उचित दर पर दवाएं, मास्क और सेनेटाइजर उपलब्ध कराएं जाएंगे।
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