बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक समारोहों के लिए केवल सौ लोगों के शामिल होने की संख्या तय कर दी है। इससे इस साल भी शादी समारोहों की रौनक धूमिल होनी तय है। सरकार की नई गाइड लाइंस के बाद आयोजक से लेकर रिश्तेदार और शादी समारोहों से संबंधित कारोबारियों तक के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
आयोजकों को अपने कार्यक्रम को सफलता से संपन्न कराने की चिंता है तो रिश्तेदारों को समारोह में शामिल होने की। वहीं, कारोबारी इस चिंता में हैं कि कहीं पिछले साल की तरह उनका धंधा ही न चौपट हो जाए।
बता दें कि इस साल 22 अप्रैल से शादी समारोह शुरू हो रहे हैं, जोकि तकरीबन दो माह तक चलने वाले हैं। लड़की वाले से लेकर लड़के वाले तक ने आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर रखी हैं। टेंट से लेकर मैरिज हाल तक बुक हैं। कइयों ने मेहमानों को कार्ड भी भेज दिया है। ऐसे में यदि कोरोना का संक्रमण बढ़ता है और सख्ती की जाती है तो शादी समारोह की भव्यता का धूमिल होना तय है।
कम लोगों के शामिल होने की बाध्यता की वजह से कई चीजों में कटौती होगी, जिसका असर शादी से जुड़े कारोबार पर भी पड़ना है। पिछले साल भी शादी समारोहों पर कोरोना की काली छाया पड़ गई थी। इस वजह से कई लोगों ने तो शादी समारोहों को स्थगित तक कर दिया था। वहीं यदि किसी ने शादी की भी तो बेहद सादे तरीके से। इस साल भी शादी समारोहों पर कोरोना की काली छाया पड़ गई है।