ठेला लेकर दिल्ली से गांव पहुंचे चार मजदूर।
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले से एक हैरान करने वाली खबर आ रही है। यहां लॉकडाउन के कारण दिल्ली में फंसे चौक बाजार क्षेत्र के लोग दिन रात ठेला चलाकर पांच दिन बाद अपने गांव पहुंचे। वहां पहुंचते ही सभी लोगों की जांच-पड़ताल हुई और उसके बाद गांव के ही प्राइमरी विद्यालय के क्वारंटीन सेंटर उन्हें भर्ती कर दिया गया।
ये है मामला...
मिली जानकारी के मुताबिक सोनाड़ी खास के रहने वाले रमेश व विद्यासागर दिल्ली में हार्डवेयर का काम करते हैं। यह दोनों सगे भाई हैं। इनके साथ ओबरी गांव के कैलाश व नारद मुनि भी दिल्ली में इनके साथ काम करते हैं लेकिन लॉकडाउन के बाद से ही इनका धंधा बंद हो गया।
लॉकडाउन के बाद दिल्ली में मकान मालिक ने कमरा खाली करने को कहा तो यह लोग परेशान हो गए। इसके बाद शनिवार की रात 9 बजे इन चारों लोगों ने तीन ठेला लिया और उसी पर अपना सामान व राशन लादकर घर के लिए से दिल्ली से निकल पड़े।
रास्ते में खाना बनाकर खाने के बाद थोड़ा विश्राम कर धीरे- धीरे गांव की ओर बढ़ते गए। यह सभी लोग शुक्रवार की दोपहर में परतावल में सड़क के किनारे थोड़ी देर के लिए रूक कर आपस में बात रहे थे। इनकी बातचीत से वहां मौजूद लोगों को पता चला कि यह सभी दिल्ली से आ रहे थे।
गांव मेंं पहुंचते ही लोगों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य टीम को दी। चिकित्सकों की टीम ने जांच कर गांव के प्राइमरी विद्यालय में बने क्वारंटीन सेंटर में उन्हें भर्ती कर दिया। चिकित्सकों ने सुझाव दिया कि 14 दिन तक यहीं रहना है। यहां भोजन और रहने की सुविधा बेहतर है। समय- समय पर जांच की होती रहेगी।