लॉकडाउन 4.0 में जिला अस्पताल के इमरजेंसी ओपीडी में अब मानसिक रोगी भी आने लगे हैं। इन रोगियों में किसी को कोरोना होने का सपना आ रहा हैं, तो किसी को कोरोना का डर। जबकि अभी जिला अस्पताल में मानसिक विभाग की ओपीडी भी नहीं खुली है।
ऐसे में फ्लू कॉर्नर की ओपीडी में इलाज कर रहे डॉक्टर उन्हें पुरानी दवा खाने की सलाह देकर घर भेज रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह लगातार लॉकडाउन का असर और टीवी पर चल रहे कोरोना न्यूज का असर है।
जिला अस्पताल में इस वक्त इमरजेंसी ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। जहां लॉकडाउन दो और तीन में मरीजों की संख्या 250-300 के बीच होती थी। अब यह संख्या बढ़कर 600-650 के बीच हो गई है। इन मरीजों में प्रतिदिन 15 से 20 मरीज मानसिक रोगी के पहुंच रहे हैं।
फ्लू ओपीडी कॉर्नर में मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि अब मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन मरीजों में मानसिक रोगी भी शामिल है। मानसिक रोगी के मरीज सिर दर्द, कोरोना का सपना आना, कोरोना होने का डर आदि की समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं।