फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं लोग, किसी को कोरोना का सपना, तो किसी को सता रहा इसका डर

Thu, 28 May 2020 05:40 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • जिला अस्पताल की इमरजेंसी ओपीडी में पहुंच रहे मानसिक रोगी
  • कोई सिर दर्द, तो कोई सपने आने की कह रहा बात
विज्ञापन
गोरखपुर जिला अस्पताल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लॉकडाउन 4.0 में जिला अस्पताल के इमरजेंसी ओपीडी में अब मानसिक रोगी भी आने लगे हैं। इन रोगियों में किसी को कोरोना होने का सपना आ रहा हैं, तो किसी को कोरोना का डर। जबकि अभी जिला अस्पताल में मानसिक विभाग की ओपीडी भी नहीं खुली है।

विज्ञापन


ऐसे में फ्लू कॉर्नर की ओपीडी में इलाज कर रहे डॉक्टर उन्हें पुरानी दवा खाने की सलाह देकर घर भेज रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह लगातार लॉकडाउन का असर और टीवी पर चल रहे कोरोना न्यूज का असर है।

जिला अस्पताल में इस वक्त इमरजेंसी ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। जहां लॉकडाउन दो और तीन में मरीजों की संख्या 250-300 के बीच होती थी। अब यह संख्या बढ़कर 600-650 के बीच हो गई है। इन मरीजों में प्रतिदिन 15 से 20 मरीज मानसिक रोगी के पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन


फ्लू ओपीडी कॉर्नर में मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि अब मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन मरीजों में मानसिक रोगी भी शामिल है। मानसिक रोगी के मरीज सिर दर्द, कोरोना का सपना आना, कोरोना होने का डर आदि की समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं।
 

विज्ञापन

अन्य मरीज भी आने लगे उपचार के लिए

ऐसे में मरीजों को पुरानी दवा खाने की सलाह देकर घर भेजा जा रहा है। बताया कि अब तक मानसिक विभाग की ओपीडी शुरू नहीं हो सकी है। इसकी वजह से पुरानी दवा के जरिए उनका इलाज किया जा रहा है। मानसिक रोगी लगातार लॉकडाउन में घर पर रहे हैं। ऐसे में टीवी चैनलों पर केवल कोरोना न्यूज दिखाया जा रहा है। इसका असर भी इन पर पड़ा है।

जिला अस्पताल के इमरजेंसी ओपीडी में अब बुखार, खांसी के अलावा शुगर, ह्दय रोग, हड्डी रोग के मरीज भी आने लगे हैं। यही वजह है कि लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जबकि इसे  लेकर डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन चिंतित है।

इसकी वजह यह है कि अब मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में अचानक से मरीजों का बढ़ना संक्रमण को बढ़ा सकता है। क्योंकि इन मरीजों में प्रवासियों की संख्या अधिक है। प्रतिदिन 250-300 मरीज प्रवासी हैं, जो सर्दी-जुकाम और बुखार का इलाज कराने आ रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें