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किस्मत में लिखी थी मौत के बाद यह अनहोनी, गाड़ी की जगह कंधों पर लादकर शव को पहुंचाया श्मशान घाट

Tue, 16 Jun 2020 06:13 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर।
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Road accident - फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में मंगलवार को एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जीवन में कई सुख दुख और उतार चढ़ाव देखने वाली बुजुर्ग द्वारिका देवी की किस्मत में मौत के बाद भी अनहोनी लिखी थी।

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ट्रैक्टर ट्रॉली से अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय कुछ ऐसा हुआ कि अंतिम यात्रा आनन फानन रोकनी पड़ी। मोक्षधाम का बाकी सफर गांव के दूसरे लोगों ने वृद्धा के शव को कंधे पर रखकर पूरा कराया, तब जाकर अंतिम संस्कार हुआ।

बर्डपुर के गोसाईंगज निवासी बुधई की 65 वर्षीय पत्नी द्वारिका देवी का सोमवार रात अचानक देहांत हो गया। मंगलवार सुबह परिवार और गांव वालों ने द्वारिका देवी की अंतिम यात्रा की तैयारियां कीं। गांव के ही युवक की ट्रैक्टर-ट्रॉली को बैकुंठ वाहन बनाया गया।
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ट्रैक्टर ट्रॉली में शव को रखने के साथ परिवार और गांव के लोग भी साथ में बैठ लिए। कूड़ी नदी घाट के लिए जाने वाला मार्ग शंकरपुर गांव के पास काफी खराब है। बारिश के कारण सड़क पर बने गड्डों में पानी भर गया था। ऐ में ट्रॉली का एक पहिया गड्ढे में जाने ट्रैक्टर असंतुलित होकर पलट गया।

द्वारिका देवी का शव भी सड़क से लुढ़ककर खेत में जा गिरा। इधर ट्रॉली के नीचे दबने से गांव के विजय (19), गोपी (24), हरिद्वार (45), विशाल (20) जख्मी हो गए। ट्रॉली हटा कर गांव वालों ने घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद गांव वालों ने कंधों पर रख कर मृतक को घाट पहुंचाया। पत्नी को मुखाग्नि देने के बाद बुधई ने नम आंखों से कहा कि इसकी किस्मत में मौत के बाद भी अनहोनी लिखी थी।

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