शासन का हर अधिकारी दावा कर रहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए वह पूरी तरह से मुस्तैद है। बिना किसी धांधली के जरूरतमंदों को इस योजना से लाभान्वित किया जा रहा है लेकिन हाल यह है कि इस योजना का लाभ पाने के लिए हरेक स्तर पर ‘चढ़ावा’ चढ़ाना पड़ रहा है। पांच हजार रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक रुपये लिए जा रहे हैं।
डूडा दफ्तर में एक सर्वेयर पैसे लेने के साथ इसे वापस करने की बात भी स्वीकार कर चुका है। जब अमर उजाला ने अपने हेल्पलाइन नंबर पर इस योजना का लाभ नहीं मिलने से परेशान लोगों से जानकारी मांगी तो शिकायतों की बाढ़ आ गई। पूरे दिन लोग इस योजना के लिए पैसे मांगने से लेकर देरी की शिकायत करते रहे।
इन लोगों ने की शिकायत...
- पत्नी मंजू देवी के नाम से प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया है। वेरिफिकेशन के दौरान सर्वेयर को 10 हजार रुपये दिए। लेखपाल ने जांच भी की, लेकिन अब तक योजना की पहली किस्त भी नहीं मिली है। विभाग से भी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। - धर्मेंद्र कुमार, नंदा नगर, दरगहिया
- 2017 में प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन दिया था। 5000 रुपये दिए तो पहली किस्त आयी। दूसरी किस्त के लिए 25 हजार रुपये की मांग की, लेकिन मैंने नहीं दिए। इसके बाद से पैसे नहीं आए हैं। डूडा दफ्तर से लेकर डीएम तक शिकायत कर चुका हूं, लेकिन कुछ नहीं हुआ है। - अशोक कुमार सिंह, बांसगांव
- प्रधानमंत्री आवास के लिए सर्वेयर को 10 हजार रुपये दे चुका हूं। इसके बाद पहली किस्त के 50 हजार रुपये खाते में आए हैं। एक साल हो चुका है, लेकिन न तो दूसरी किस्त आयी है और न कोई जानकारी मिल रही है। - मुख्तार अहमद, नौतन, मेडिकल कॉलेज रोड