कोरोना संक्रमण का असर रेलवे स्टेशन पर दिखने लगा है। बुधवार को स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहा। जिस गोरखधाम एक्सप्रेस में चढ़ने के लिए यात्रियों में धक्कामुक्की होती है, उसके जनरल कोच में लोगों को बड़े आराम से सीट मिली।
लोग अपनी यात्रा कैंसल करने लगे हैं। इसके चलते ट्रेनों में भीड़ कम हो गई है। लंबी दूरी की ज्यादातर ट्रेनों में यात्री घट गए हैं। बुधवार को दिल्ली, मुंबई की ट्रेनों के स्लीपर कोच में आधे से ज्यादा खाली रहीं। आरक्षित टिकट कैंसल कराने वाले की संख्या बढ़ती जा रही है। 17 मार्च को 1362 यात्रियों ने टिकट कैंसल करा दिए जबकि 16 मार्च को संख्या 1312 थी।
टीटीई को नहीं मिला मास्क, ग्लब्स
गोरखपुर। ट्रेनों में टिकट चेकिंग करने वाले टीटीई को अभी तक मास्क और ग्लब्स नहीं मिला है। इसे लेकर टीटीई में आक्रोश है। उनका कहना है कि यात्रियों के सबसे करीब वे ही रहते हैं। संक्रमित होने का खतरा उन्हें ज्यादा है।
रेलकर्मियों को सेनेटाइजर, मास्क देने की मांग
स्वतंत्र रेलवे बहुजन कर्मचारी यूनियन पूर्वोत्तर रेलवे के पदाधिकारियों ने जोनल अध्यक्ष अमरजीत प्रसाद के नेतृत्व में अपर मुख्य चिकित्सा निदेशक डीके सिंह को ज्ञापन सौंपा। पदाधिकारियों ने सेनेटाइजर, मास्क, टीशू पेपर उपलब्ध शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की।
पदाधिकारियों ने कहा कि ड्यूटी के दौरान रेलकर्मी विभिन्न समुदायों के बीच रहते हैं। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी रेल प्रशासन की है। ज्ञापन देने वालों में सुबोध कुमार, मनीष साहनी, अश्वनी कुमार, दुर्गेश मद्देशिया, दीपक यादव आदि मौजूद रहे।