किसान ने किराए पर खेत लेकर सब्जी की बुवाई करके अपनी आमदनी बढ़ाई। सब्जी से होने वाली आय से परिवार का गुजर-बसर आसानी से हो ही रहा है, बच्चों को पढ़ाना भी आसान हो गया है। गोभी, टमाटर और मटर की खेती से अच्छी आमदनी हो रही है। बेहतर ढंग से खेती करने के लिए किसान ने कृषि मेले में जानकारी ली। उसके बाद पास में जो रकम थी, उसी से सब्जी की खेती करनी शुरू की तो फिर पीछे मुंडकर नहीं देखा।
यूपी के महराजगंज जिले के नौतनवां तहसील क्षेत्र के बैरवा चंदनपुर टोला कड़जहिया निवासी किसान ओम प्रकाश साहनी बटाई (किराए) पर खेत लेकर सब्जी की खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। ओम प्रकाश साहनी प्राथमिक स्तर की शिक्षा के बाद रोजी-रोटी के लिए पंजाब गए थे। बाहर रहकर परिवार की देखभाल करने में परेशानी हो रही थी। इसलिए वह घर लौट आए।
उसके बाद उन्होंने सब्जी की खेती कर परिवार का खर्च चलाने और बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने का मन बनाया। पैतृक भूमि न होने की वजह से उन्होंने गांव में ही 50 डिस्मिल बटाई पर खेत लिया है। उसमें सीजन के अनुसार टमाटर, गोभी, मटर आदि सब्जियों की खेती शुरू की।
बाहर रहकर खर्च चलाना मुश्किल था।
ओम प्रकाश साहनी ने बताया कि तीन बेटी और एक बेटा है। पत्नी सुनीता भी खेती में हाथ बटाती हैं। बड़ी बेटी उमा, नेहा, संध्या और बेटा कन्हाई सहानी हैं। सभी बच्चे पूर्व माध्यमिक विद्यालय खोरिया बाजार में शिक्षा ग्रहण करते हैं। अपने घर की खेती ने होने से वह 50 डिस्मिल भूमि के एवज में 20 हजार रुपये देने पड़ते हैं।
ओम प्रकाश ने बताया कि पहले घर से दूर रहकर कमाता था लेकिन उसमें अपना और घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। अब परिस्थिति बदल गई है। पूरा परिवार का मिलकर काम करता है तब जाकर यह फल मिला है।
बताया कि इस समय टमाटर गोभी और मटर की सब्जी तैयार है। सब्जी का उत्पादन कर स्वयं खोरिया बाजार, सब्जी मंडी नौतनवां, अड्डा बाजार, रतनपुर, बरगदवां, मोहनापुर आदि क्षेत्रीय बाजारों में सब्जी बेची जाती है। लॉकडाउन की वजह से नेपाल बंद होने से नेपाल में सब्जी नहीं जा पा रही है। इसके पहले वह नेपाल के बाजारों में भी सब्जी बिकती थी। लगभग 50 हजार रुपये की आय हो जाती है।