ऑपरेशन से पहले कोरोना जांच रिपोर्ट की अनिवार्यता में एक युवक की जान चली गई। उसके सिर पर लोहे के राड से हमला हुआ था और गंभीर रूप से घायल होने पर मेडिकल कॉलेज से उसे लखनऊ रेफर किया गया था।
भाई का आरोप है कि केजीएमयू लखनऊ में कोरोना जांच कराई गई और रिपोर्ट के इंतजार में 15 घंटे तक ऑपरेशन ही नहीं हो सका और मौत हो गई। भाई ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गंभीर मरीजों के लिए ऐसी किसी जांच की औपचारिकता पूरी किए बिना ही इलाज दिलाने की गुहार लगाई है।
राजघाट इलाके के चकरा गांव के प्रदीप के मुताबिक, 19 मई को मारपीट में उनके भाई सामंत कुमार के सिर पर चोट आई थी। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपितों को जेल भी भेजा। भाई को इलाज के लिए जिला अस्पताल फिर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।