नेपाल के मोरंग जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सड़क दुर्घटना में मौत के बाद जिस व्यक्ति का परिवार अंतिम संस्कार कर चुका था, वह अचानक जीवित घर लौट आया। इतना ही नहीं, परिवार उसकी मौत के नाम पर दुर्घटना बीमा की राशि भी प्राप्त कर चुका था। मृत घोषित किए गए 37 वर्षीय पदमबहादुर राई के जीवित लौटने से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। पुलिस ने मामले की दोबारा जांच शुरू कर दी है।
मोरंग जिले के लेटांग नगरपालिका-5, खेरुवा निवासी पदमबहादुर राई के बारे में बताया गया कि नौ जून 2026 को बराहक्षेत्र नगरपालिका-4 स्थित चतरा-पकली सड़क खंड पर मोटरसाइकिल की टक्कर से एक पैदल यात्री घायल हो गया था। उसे उपचार के लिए विराट टीचिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अगले दिन 10 जून को उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान नहीं होने पर शव को कोशी अस्पताल के शवगृह में रखा गया था। इसके बाद पुलिस ने सार्वजनिक सूचना जारी कर परिजनों से संपर्क करने की अपील की। सूचना मिलने पर पदमबहादुर की मां पुलिस के पास पहुंचीं और शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। परिवार ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।
बीमा की रकम भी ले चुका था परिवार
परिवार ने पदमबहादुर की मौत मानकर उसके नाम पर मिलने वाली दुर्घटना बीमा की राशि भी प्राप्त कर ली थी। परिवार को विश्वास था कि सड़क हादसे में उसकी मौत हो चुकी है। लेकिन अंतिम संस्कार के बाद अचानक उसके जीवित घर लौटने से पूरा मामला उलट गया।
मोरंग पुलिस ने भी मृत घोषित किए गए व्यक्ति के जीवित लौटने की पुष्टि की है। पुलिस के अनुसार, घटना सामने आने के बाद मामले की दोबारा जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शव की पहचान में गलती कैसे हुई और किन परिस्थितियों में दूसरे व्यक्ति का शव पदमबहादुर का मान लिया गया।
फरवरी से लापता थे पदमबहादुर
पुलिस के मुताबिक, पदमबहादुर फरवरी 2026 से ही परिवार के संपर्क में नहीं थे। वह बिना जानकारी दिए भारत चले गए थे। इसके बाद घर नहीं लौटे। इसी बीच सड़क दुर्घटना में एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस की सार्वजनिक सूचना देखने के बाद उनकी मां ने शव को अपने बेटे का समझकर पहचान की थी।
पुलिस को आशंका है कि मृतक का चेहरा पदमबहादुर से मिलता-जुलता होने के कारण पहचान में गलती हुई होगी। हालांकि, जांच पूरी होने तक इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस अब शव की वास्तविक पहचान, पहचान प्रक्रिया और बीमा राशि प्राप्त करने से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।