गैर इरादतन हत्या के मामले में पिछले डेढ़ साल से जिस झोलाछाप रामखेलावन को बांसगांव पुलिस नहीं पकड़ पा रही थी, वह पीड़ित के रिश्तेदारों के हत्थे चढ़ गया। उसे पैंडलेगंज पुलिस चौकी (थाना कैंट) के हवाले कर दिया गया। आरोपित के पकड़े जाने की जानकारी कैंट पुलिस ने बड़हलगंज थाने में दे दी, मगर पुलिस उसे लेने नहीं आई। आखिर रात साढ़े आठ बजे कैंट पुलिस ने आरोपित को छोड़ दिया।
जानकारी के मुताबिक गलत इलाज से मनोज राम त्रिपाठी की मौत के मामले के आरोपित रामखेलावन को रामगढ़ ताल क्षेत्र में घूमते देखा गया। मनोज राम त्रिपाठी के रिश्तेदारों ने ही उसे देखा। वे उसे काफी दिनों से तलाश रहे थे। उन्होंने उसे पकड़ कर पैडलेगंज पुलिस को सौंप दिया। खजनी इलाके के झुड़िया गांव निवासी मनोज राम त्रिपाठी की बांसगांव के हरनही में झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन लगाने के बाद मौत हो गई थी।
बांसगांव थाना क्षेत्र के भैंसा गांव निवासी अशोक कुमार शुक्ला ने इस मामले में रामखेलावन पर गैर इरादतन हत्या के आरोप में केस दर्ज कराया था। अशोक शुक्ला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि वह अपने ईंट भट्ठा पर जा रहे थे कि रास्ते में हरनही चौराहे पर श्रीराम मेडिकल स्टोर पर उन्हें उनके दामाद व खजनी थाना क्षेत्र के झुड़िया गांव निवासी मनोज राम त्रिपाठी मिल गए।
मनोज त्रिपाठी की कमर में दर्द था। वह दवा लेने आए थे। मेडिकल स्टोर पर बैठने वाले डॉक्टर रामखेलावन ने दर्द ठीक करने के लिए इंजेक्शन लगाया। उसके दो से तीन मिनट बाद ही मनोज राम त्रिपाठी बेहोश हो गए और मुंह से झाग निकलने लगा। बाद में उनकी मौत हो गई थी।