गोरखपुर। पिता की छोटी-सी दुकान, घर की सीमित आर्थिक स्थिति और छह भाई-बहनों की जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई पूरी कर आगे बढ़ने वाली शोभा चौहान ने अब अपने हुनर को रोजगार का जरिया बना लिया है। गोरखपुर की रहने वाली और देवरिया में विवाहित शोभा ने शादी और दो बच्चों की जिम्मेदारी के बीच घर से कैंडल (मोमबत्ती) और रेजिन के हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार करने का काम शुरू किया। शुरुआत भले ही छोटी थी लेकिन मेहनत और लगन से आज उनके साथ कई महिलाएं काम कर रही हैं।
पढ़ाई के साथ उन्होंने कंप्यूटर और स्टेनोग्राफी का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद करीब आठ वर्षों तक डाटा एंट्री के क्षेत्र में काम किया। शोभा ने डबल एमए के साथ आईटीआई, सीसीसी और एडीसीए जैसी शैक्षणिक व तकनीकी योग्यताएं भी हासिल कीं।
शादी के बाद घर को ही बनाया काम का केंद्र
शादी के बाद शोभा पर परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियां बढ़ गईं। दो बच्चों की मां बनने के बाद दूसरे शहर या राज्य में जाकर नौकरी करना उनके लिए आसान नहीं था। उनके पति भी रोजगार के सिलसिले में दूसरे राज्य में रहते हैं। ऐसे में उन्होंने नौकरी छोड़कर घर बैठने के बजाय घर से ही काम शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने कैंडल और रेजिन से हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार करने का काम शुरू किया। शुरुआती दौर में केवल दो लोगों के साथ काम शुरू हुआ। धीरे-धीरे उत्पादों की मांग बढ़ी और काम का दायरा भी बढ़ता गया।
शोभा के साथ अब नौ महिलाएं काम कर रही हैं। उनके यहां रेजिन आर्ट, राखियां, पूजा सामग्री, नवरात्रि की चुनरी, गरबा एक्सेसरीज, गिफ्ट हैम्पर और अलग-अलग डिजाइन की कैंडल तैयार करती है। हस्तनिर्मित उत्पादों को ग्राहकों की पसंद के अनुसार तैयार करने का प्रयास किया जाता है।
दूसरी महिलाएं भी हो रही है आत्मनिर्भर
शोभा ने अपने कारोबार में 10 से 15 ऐसी महिलाओं को भी जोड़ा हैं, जो पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण घर से बाहर नौकरी नहीं कर पातीं। उनका मानना है कि घर से भी छोटे स्तर पर काम शुरू करके महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।
शोभा का कहना है कि उनका लक्ष्य आने वाले समय में 100 से 200 महिलाओं को अपने साथ जोड़ना है ताकि अधिक से अधिक महिलाएं घर से काम करते हुए परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे।