अमर उजाला सम्मान समारोह में सांसद रवि किशन ने बच्चों को किया प्रोत्साहित
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर।
अमर उजाला के सम्मान समारोह में रविवार को सांसद रवि किशन शुक्ल ने बच्चों को अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि आप क्षमतावान बनोगे तो जीवन में अवश्य ही एक बेहतर मुकाम पर पहुंचोगे। इसलिए सबको अपने जीवन का लक्ष्य तय करना चाहिए, जिससे वह माता-पिता, समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सके।
अपने संबोधन के दौरान सांसद ने भोजपुरी में संवाद कर सभागार में मौजूद बच्चों से खुद को जोड़ लिया। उन्होंने अपना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उदाहरण देते हुए कहा कि वह गांव के लड़के थे, लेकिन अपने व्यक्तित्व का विकास किया और आगे बढ़े। मुख्यमंत्री योगी भी पहाड़ के एक छोटे से गांव से थे, लेकिन उन्होंने खुद को इस लायक बनाया कि आज प्रदेश की कमान इनके हाथ में है। इसलिए आप अपने व्यक्तित्व का विकास करेंगे तो निश्चित ही आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर मिलेंगे।
सांसद ने कहा कि देश के सबसे बड़े सूबे के मुखिया होने के बावजूद भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बच्चों को अपना प्यार देने के लिए समय निकाल लेते हैं। उन्होंने कहा कि सभागार में प्रवेश के दौरान मुख्यमंत्री ने कराटे खिलाड़ी दो बेटियाें से संवाद किया और उनके कहने पर बेटियों ने मुझे पंच मारा। उस पंच से अहसास हुआ कि हमारी बेटियां मजबूती के साथ आगे बढ़ रही हैं।
-
अमर उजाला ने बच्चों में रचनात्मक ज्ञान बढ़ाने के लिए कार्यक्रम किया और प्रतिस्पर्धा भी कराई। निष्पक्ष समाचार के साथ सामाजिक सरोकार की यह पहल सराहनीय है। शुरुआती दौर में बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलती है तो उच्च शिक्षा स्तर पर उनकी सफलता की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
प्रो पूनम टंडन, कुलपति, दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय
-
अमर उजाला ने बच्चों के लिए बड़ा कार्यक्रम किया है। यहां बच्चे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मंच पर देख और सुन रहे हैं, जबकि घरों में अमर उजाला का समाचार पढ़कर भी बच्चे प्रेरित होंगे। इस आयोजन में बच्चों में बेहद उत्साह दिखा। इससे प्रेरित होकर वे आगे भी बेहतर कार्य करने की कोशिश करेंगे।
मेजर जनरल डॉ. अतुल बाजपेयी, कुलपति, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय
-
अमर उजाला के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को उपहार और आशीर्वाद प्रदान किया। कला के क्षेत्र में मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कार मिलने की की खुशी निश्चित ही उन बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, पूर्वोंत्तर रेलवे