फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: धरोहर को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए दस्तावेजीकरण जरूरी

विज्ञापन
विज्ञापन
सीएम बोले-बदल रहा गोरखपुर के धरोहर संस्करण से सौ साल बाद भी मिलेगी बदलाव की जानकारी
विज्ञापन

रामगढ़ताल पहले गंदगी व अपराध का अड्डा था, आज मनोरंजन का केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी धरोहर को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए दस्तावेजीकरण जरूरी होता है। अमर उजाला का बदल रहा गोरखपुर अभियान एक धरोहर संस्करण है। इसके जरिए अमर उजाला ने गोरखपुर के विकास का मनोरम दृश्य प्रस्तुत करते हुए इसे लिपिबद्ध किया है। अगले सौ साल बाद भी गोरखपुर में हुए बदलाव की जानकारी इससे मिल जाएगी।
मुख्यमंत्री, रविवार को डीवीएनीजी कॉलेज के सभागार में अमर उजाला के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मंच से अमर उजाला के बदल रहा गोरखपुर के कोलाॅज का अनावरण किया। बच्चों को अपनी विरासत और ऐतिहासिक धरोहर के महत्व को विस्तार से समझाया।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि गोरखपुर की तस्वीर बदल रही है। पहले रामगढ़ताल गंदगी का केंद्र था। सीवर का पानी यहां गिरता था। अपराध का अड्डा था, लेकिन आज मनोरंजन का केंद्र बन गया है। परिवार के साथ लोग घूमने जा रहे हैं ओर से सेल्फी ले रहे हैं। गोरखपुर में फर्टिलाइजर कारखाना शुरू हो गया, फोरलेन बन रहे हैं। एम्स बन गया और गोरखपुर विश्वविद्यालय सहित चार विश्वविद्यालय बन गए हैं। गोरखपुर में उद्योग आ चुके हैं तो चिड़ियाघर भी है।
उन्होंने कहा कि यहां के लोग नौकरी खोजने अन्य प्रांतों में जाते थे और आज यहां पर आ रहे हैं। संचालन डॉ दिनेश मणि त्रिपाठी ने किया।
इस दौरान सांसद रवि किशन, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन, महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डाॅ. अतुल वाजेपयी, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चौधरी, एनईआर के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह, प्राणि उद्यान के निदेशक मनोज शुक्ला, पशु चिकित्साधिकारी डॉ योगेश प्रताप सिंह, संस्कृति पब्लिक स्कूल के निदेशक संजय जायसवाल, स्टेपिंग स्टोन के प्रबंधक राजीव गुप्ता, गोलघर व्यापार मंडल के अध्यक्ष अभिषेक शाही, विक्की कुकरेजा आदि मौजूद रहे।
-
पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी जरूरी
गोरखपुर। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि इन्हें सम सामयिक ज्वलंत मुद्दों के बारे में जानकारी देकर समझ विकसित की जाए। बाल मेला और बाल उमंग जैसे कार्यक्रम के जरिए बच्चों को जो प्रत्यक्ष अनुभव मिला है, वह आजीवन उनकी स्मृतियों में बना रहेगा। अच्छी शिक्षा के लिए पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी जरूरी है।
विज्ञापन

-
हम भाग्यशाली हैं कि राममंदिर दर्शन का अवसर मिला
गोरखपुर। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पीढ़ी सबसे अधिक सौभाग्यशाली है। 500 वर्षों की पीढि़यां श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा नहीं देख पाई थी। हम उस काल खंड में जी रहे हैं कि हमें श्रीराम मंदिर का दर्शन करने का अवसर मिला है। प्रभु श्रीराम को अब अपनी जन्म भूमि के लिए अब प्रमाण प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है। यह भारत के गौरव के प्रतिष्ठा का अवसर भी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें